रायपुर। शासकीय अभियांत्रिकी महाविद्यालय सेजबहार में 15 दिवसीय इंडक्शन प्रोग्राम का द्वितीय दिवस भी उत्साहपूर्वक आयोजित हुआ। प्रात: कार्यक्रम की शुरुआत सामूहिक प्रार्थना “इतनी शक्ति हमें देना दाता” से हुई। इसके पश्चात योग सत्र में छात्रों ने ज्ञान मुद्रा का अभ्यास किया और ध्यान लगाकर एकाग्रता तथा मानसिक शांति के महत्व को जाना।


कार्यक्रम में श्री नीलम चंद सांखला, पूर्व प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश (पूर्व रजिस्ट्रार जनरल, उच्च न्यायालय छत्तीसगढ़ एवं पूर्व सदस्य, राज्य मानवाधिकार आयोग) एवं श्री मनीष मिश्रा (छत्तीसगढ़ मानवाधिकार आयोग के संयुक्त निदेशक) मुख्य अतिथि और वक्ता के रूप में उपस्थित रहे। मुख्य अतिथियों, प्राचार्य, विभागाध्यक्ष एवं प्राध्यापकों द्वारा दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया।
डॉ. एम्. आर. खान, प्राचार्य एवं कार्यक्रम के संरक्षक ने वक्ताओं का पौधे देकर स्वागत करते हुए उन्हें बहुमूल्य समय हमारे छात्रों को देने के लिए धन्यवाद दिया और छात्रों से कहा कि, इन अनुभवी वक्ताओं को पूरी तल्लीनता से सुनें और उन्हें अपने जीवन में अमल में लायें|
डॉ. श्वेता चौबे विभागाध्यक्ष बेसिक साइंस एंड ह्यूमैनिटीज एवं इंडक्शन कार्यक्रम समन्वयक, ने अपने स्वागत उद्बोधन में वक्ताओं का धन्यवाद देते हुए छात्रों को इन विषयों के मूर्धन्य वक्ताओं के अर्जित ज्ञान को आत्मसात करने के सस्नेह निर्देश दिए |
मुख्य अतिथियों के स्वागत के पश्चात, कार्यक्रम के प्रथम सत्र में नीलम चंद सांखला जी द्वारा “प्रबंधन का जीवन में महत्व” विषय पर विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया गया। उन्होंने बताया कि किस प्रकार अनुशासन और समय-प्रबंधन से जीवन में सफलता प्राप्त की जा सकती है।
वहीं, मनीष मिश्रा जी ने “व्यक्तित्व का विकास और नैतिक मूल्यों का जीवन में प्रभाव” विषय पर व्याख्यान दिया। उन्होंने कहा कि ईमानदारी, संवेदनशीलता और सकारात्मक दृष्टिकोण ही युवा पीढ़ी के लिए स्थायी व्यक्तित्व निर्माण का आधार है।
कार्यक्रम के द्वितीय सत्र में छात्रों को विभागीय भ्रमण कराया गया, जहाँ उन्होंने महाविद्यालय की ग्रंथालय, विभिन्न प्रयोगशालाओं और शैक्षणिक संसाधनों की जानकारी प्राप्त की। साथ ही आज के कार्यक्रम में डॉ. भावना निगम, डॉ. विनीत शुक्ला, डॉ. शशिबाला किंडो, एवं श्री प्रशांत साहू की उपस्थिति रही|
