तुम लोकतंत्र के चारण हो
युगचारण डॉक्टर हरिओम पंवार जन्मोत्सव पर राष्ट्रीय कवि संगम की काव्य गोष्ठी
रायपुर-राष्ट्रीय कवि संगम के राष्ट्रीय संरक्षक और ओज के...
कविता: पुलिस
पुलिस है तो सुरक्षा है
पुलिस है तो बेफिक्री है।
हमें निश्चिंत रखने को
आसमां से यह उतरी है।
अलग पहचान की खातिर
खाकी वर्दी में संवरी है।
अंधेरे...