
तुम लोकतंत्र के चारण हो
युगचारण डॉक्टर हरिओम पंवार जन्मोत्सव पर राष्ट्रीय कवि संगम की काव्य गोष्ठी
रायपुर-राष्ट्रीय कवि संगम के राष्ट्रीय संरक्षक और ओज के शिखरस्थ कवि डॉ हरिओम पंवार के जन्मदिन को कवियों द्वारा बड़े धूमधाम से मनाया जाता है। इस वर्ष देश में कवियों की सबसे बड़ी संस्था माने जाने वाले राष्ट्रीय कवि संगम द्वारा उनके 75 वें जन्मदिन को देश भर में अमृत महोत्सव के रूप में मनाया जा रहा है। इस स्वर्णिम अवसर पर राष्ट्रीय सम्मेलन के पश्चात संस्था की छत्तीसगढ़ इकाई द्वारा भी आभासी ऑनलाइन कवि सम्मेलन का भव्य आयोजन किया गया , जिसकी अध्यक्षता राष्ट्रीय अध्यक्ष जगदीश मित्तल परमार्थी ने की ।सम्मेलन का अत्यंत प्रभावशाली संचालन कर्णाटक प्रांत इकाई उपाध्यक्ष कुंवर प्रवल प्रताप सिंह ने किया। आरंभ में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अशोक बत्रा ने डाक्टर पंवार को *युगचारण* की संज्ञा देकर .. *तुम लोकतंत्र के चारण हो/गूंगे दुख के उच्चारण हो* । पंक्तियों से सुसज्जित कविता के माध्यम से जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं ..
, राष्ट्रीय महामंत्री महेश शर्मा ने जीने की कला को रेखांकित करने वाली सुंदर सजल .. *कलम को तलवार बनाओ*, *तो कोई बात बने/हुनर को हथियार बनाओ, तो कोई बात बने* ..प्रस्तुत की।
भेंट करूं क्या देश पर , सोचूं बारम्बार/सौ सिर रख दूं एक साथ,वो भी कम करतार। ..उर्मिला देवी ने प्रस्तुत की और रिजेंद्र गंजीर ने .. वीर को प्रणाम रणधीर को प्रणाम है /जगतगुरु हिंदुस्तान को प्रणाम है..पढ़कर पटल को ओजपूर्ण कर दिया।
इनके साथ ही अरविन्द सोनी , , साखी गोपाल पंडा ,भरत गंगादित्य, भावेश देशमुख, अशोक यादव, उमाकांत, बालमुकुंद श्रीवास, निधि साहू , आदित्य बर्मन आदि रचनाकारों की कविताओं ने सुधि दर्शकों को आनंदित किया।
राष्ट्रीय अध्यक्ष जगदीश मित्तल परमार्थी ने आयोजन की सफलता पर बधाई देते हुए कवियों से देश की ज्वलंत समस्याओं और उनके समाधान पर लिखने का आह्वान किया।
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