
बिलासपुर: प्रोफेसर दंपती के इकलौते बेटे की संदिग्ध मौत, इंजीनियरिंग छात्र ने तोड़ा दम
बिलासपुर 8 अप्रैल 2026 – न्यायधानी के लोधीपारा क्षेत्र में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय (GGU) में इंजीनियरिंग द्वितीय वर्ष के छात्र यश वर्धन सिंह ठाकुर की कथित तौर पर जहर सेवन करने से मौत हो गई। यश शहर के एक प्रतिष्ठित प्रोफेसर दंपती का इकलौता बेटा था।
क्या है पूरी घटना?
जानकारी के अनुसार, यश वर्धन मंगलवार शाम को घर से निकला था, लेकिन जब वह काफी देर तक वापस नहीं लौटा, तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। रात करीब 8 बजे यश लोधीपारा स्थित राधा-कृष्ण मंदिर के पास अचेत अवस्था में मिला।
उसके दोस्तों और स्थानीय लोगों ने उसे तुरंत अपोलो अस्पताल पहुँचाया, लेकिन अस्पताल पहुँचने से पहले ही उसने दम तोड़ दिया। डॉक्टरों ने प्राथमिक जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। प्रारंभिक कयास लगाए जा रहे हैं कि यश ने सायनाइड जैसे किसी घातक पदार्थ का सेवन किया है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही हो पाएगी।
अवसाद बना काल?
यश वर्धन इलेक्ट्रॉनिक्स एवं टेलीकम्युनिकेशन शाखा का होनहार छात्र था। उसके पिता केंद्रीय विश्वविद्यालय में ही प्रोफेसर हैं और माता शासकीय कन्या महाविद्यालय में प्राध्यापक हैं। परिजनों के अनुसार, मंगलवार शाम को यश की अपनी माँ से अंतिम बार फोन पर बात हुई थी। बातचीत के दौरान उसके व्यवहार में गहरा अवसाद (Depression) महसूस किया गया था, लेकिन किसी ने नहीं सोचा था कि वह ऐसा आत्मघाती कदम उठा लेगा।
परिवार में मातम का माहौल
इकलौते बेटे की अचानक मौत ने पूरे परिवार को तोड़ दिया है। सदमे के कारण माता-पिता की तबीयत भी बिगड़ गई है, जिन्हें चिकित्सकीय देखरेख में रखा गया है। विश्वविद्यालय के छात्रों और प्रोफेसरों के बीच भी इस घटना को लेकर गहरा दुख है।
पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और आत्महत्या के पीछे के कारणों की बारीकी से जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आखिर एक होनहार छात्र इतने बड़े मानसिक तनाव से क्यों गुजर रहा था।
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