बीएसएफ के जवानों ने पर्यावरण दिवस के अवसर पर भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा पर 50,000 पौधे 1 घंटे में लगाकर बनाया रिकॉर्ड

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बीएसएफ के जवानों ने पर्यावरण दिवस के अवसर पर भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा पर 50,000 पौधे 1 घंटे में लगाकर बनाया रिकॉर्ड

 

बीएसएफ के जवानों ने पर्यावरण दिवस के अवसर पर भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा पर 50,000 पौधे 1 घंटे में लगाकर बनाया रिकॉर्ड    जोधपुर    भारतीय सीमा सुरक्षा बल न सिर्फ सीमा की सुरक्षा के लिए बल्कि पर्यावरण पेड़ पौधे और जीव जंतु की सुरक्षा के लिए भी तैनात है उन्होंने इस पर्यावरण दिवस पर 1 घंटे में 50,000 पौधे पश्चिमी अंतराष्ट्रीय सीमा पर लगाकर रिकॉर्ड कायम किया है साथ में उन्होंने इस अभियान में आम जनता की सहभागिता को सुनिश्चित किया है सीमा सुरक्षा बल में इस वृक्षारोपण अभियान में ऐसे पौधों को लगाया जो आयुर्वेदिक और राजस्थानी फल देने वाले है ताकि वहां के ग्रामीणों के लिए रोजगार का सृजन हो सके।   जोधपुर स्तिथ सीमा सुरक्षा बल के एसटीसी कैंप में पर्यावरण दिवस का मुख्य कार्यक्रम 5 जून पर्यावरण दिवस की संध्या पर आयोजन किया गया इस अवसर पर मुख्य अतिथि बीएसएफ आईजी एमएल गर्ग ने  बीएसएफ के अधिकारियों और अपने परिवार के साथ पौधारोपण किया। इस चएसटीसी कैंप में एक साथ बीएसएफ जवानों द्वारा 2000 पौधों का वृक्षारोपण किया गया वहीं समूचे राजस्थान के सीमावर्ती क्षेत्र में बीएसएफ ने 50000 पौधों का एक साथ 1 घंटे में  वृक्षारोपण किया। जिसे एक नए रिकॉर्ड के रूप में देखा जा रहा है  इस अवसर पर पर्यावरण की दिशा में योगदान पर एक फिल्म का विमोचन  भी किया गया जिसमें बताया गया है कि भारतीय सेवा द्वारा रेगिस्तान में मानसिक यहां के स्थानीय वृक्षों का संरक्षण किया जा रहा है बल्कि रेगिस्तान के वन्य जीवन को भी सुरक्षित किया जा रहा है जिसमें काला हिरण मुख्य है। गौरतलाप है कि सबसे ज्यादा काली हिरण बीएसएफ क्षेत्र में है क्योंकि जहां-जहां सीमा सुरक्षा बल की जवान देना थे वहां शिकार किया जाना असंभव है    सीमा सुरक्षा बल द्वारा सीमा क्षेत्र में स्थानीय आयुर्वेदिक पौधे खेजड़ी कैर गुंदे, कुमठिया, आवला जैसे पौधे लगाई जा रहे हैं ताकि आसपास के ग्रामीणों को आय  का साधन भी उपलब्ध हो सके इसके लिए जन सहभागिता को भी सुनिश्चित किया गया है।   वृक्षा रोपण के बाद पर्यावरण दिवस के अवसर पर संगीत संध्या का आयोजन किया गया जिसमें  लोक कलाकारों के गीतों ने  समा बांध दिया। फिल्मी गानों को लोकगीतों के अंदाज में गाकर बीएसएफ के जवानों को गीतों की दोनों पर नाचने पर मजबूर कर दिया।  बीएसएफ आईजी एमएल गर्ग ने बताया कि समूचे पश्चिमी सीमा पर पर्यावरण दिवस के अवसर पर सघन  रक्षा रोपण अभियान चलाया गया है इस अवसर पर बीएसएफ द्वारा पर्यावरण की दिशा में किए गए कार्यों के ऊपर एक फिल्म का लोकार्पण भी किया गया।   आईजी गर्ग ने बताया कि पिछले 1 वर्ष में 4 लाख से ज्यादा पर्दे बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स द्वारा समूचे राजस्थान जिसमें विशेष कर सीमा क्षेत्र में लगाए गए हैं जो की एक रिकॉर्ड है   उन्होंने बताया कि न सिर्फ सीमा की सुरक्षा बल की पर्यावरण की संरक्षण में भी बीएसएफ महती भूमिका निभा रहा है न सिर्फ आमजन बल्कि पेड़ पौधे और जीव जंतु भी सुरक्षित महसूस करते हैं बीएसएफ जिस क्षेत्र में पोस्टेड है वहां पर पेड़ कटाई पर प्रतिबंध है और शिकार पर भी प्रतिबंध है |

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जोधपुर: भारतीय सीमा सुरक्षा बल न सिर्फ सीमा की सुरक्षा के लिए बल्कि पर्यावरण पेड़ पौधे और जीव जंतु की सुरक्षा के लिए भी तैनात है उन्होंने इस पर्यावरण दिवस पर 1 घंटे में 50,000 पौधे पश्चिमी अंतराष्ट्रीय सीमा पर लगाकर रिकॉर्ड कायम किया है साथ में उन्होंने इस अभियान में आम जनता की सहभागिता को सुनिश्चित किया है सीमा सुरक्षा बल में इस वृक्षारोपण अभियान में ऐसे पौधों को लगाया जो आयुर्वेदिक और राजस्थानी फल देने वाले है ताकि वहां के ग्रामीणों के लिए रोजगार का सृजन हो सके।

जोधपुर स्तिथ सीमा सुरक्षा बल के एसटीसी कैंप में पर्यावरण दिवस का मुख्य कार्यक्रम 5 जून पर्यावरण दिवस की संध्या पर आयोजन किया गया इस अवसर पर मुख्य अतिथि बीएसएफ आईजी एमएल गर्ग ने  बीएसएफ के अधिकारियों और अपने परिवार के साथ पौधारोपण किया। इस चएसटीसी कैंप में एक साथ बीएसएफ जवानों द्वारा 2000 पौधों का वृक्षारोपण किया गया वहीं समूचे राजस्थान के सीमावर्ती क्षेत्र में बीएसएफ ने 50000 पौधों का एक साथ 1 घंटे में  वृक्षारोपण किया। जिसे एक नए रिकॉर्ड के रूप में देखा जा रहा है  इस अवसर पर पर्यावरण की दिशा में योगदान पर एक फिल्म का विमोचन  भी किया गया जिसमें बताया गया है कि भारतीय सेवा द्वारा रेगिस्तान में मानसिक यहां के स्थानीय वृक्षों का संरक्षण किया जा रहा है बल्कि रेगिस्तान के वन्य जीवन को भी सुरक्षित किया जा रहा है जिसमें काला हिरण मुख्य है। गौरतलाप है कि सबसे ज्यादा काली हिरण बीएसएफ क्षेत्र में है क्योंकि जहां-जहां सीमा सुरक्षा बल की जवान देना थे वहां शिकार किया जाना असंभव है

सीमा सुरक्षा बल द्वारा सीमा क्षेत्र में स्थानीय आयुर्वेदिक पौधे खेजड़ी कैर गुंदे, कुमठिया, आवला जैसे पौधे लगाई जा रहे हैं ताकि आसपास के ग्रामीणों को आय  का साधन भी उपलब्ध हो सके इसके लिए जन सहभागिता को भी सुनिश्चित किया गया है।

वृक्षा रोपण के बाद पर्यावरण दिवस के अवसर पर संगीत संध्या का आयोजन किया गया जिसमें  लोक कलाकारों के गीतों ने  समा बांध दिया। फिल्मी गानों को लोकगीतों के अंदाज में गाकर बीएसएफ के जवानों को गीतों की दोनों पर नाचने पर मजबूर कर दिया। बीएसएफ आईजी एमएल गर्ग ने बताया कि समूचे पश्चिमी सीमा पर पर्यावरण दिवस के अवसर पर सघन  रक्षा रोपण अभियान चलाया गया है इस अवसर पर बीएसएफ द्वारा पर्यावरण की दिशा में किए गए कार्यों के ऊपर एक फिल्म का लोकार्पण भी किया गया।

आईजी गर्ग ने बताया कि पिछले 1 वर्ष में 4 लाख से ज्यादा पर्दे बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स द्वारा समूचे राजस्थान जिसमें विशेष कर सीमा क्षेत्र में लगाए गए हैं जो की एक रिकॉर्ड हैउन्होंने बताया कि न सिर्फ सीमा की सुरक्षा बल की पर्यावरण की संरक्षण में भी बीएसएफ महती भूमिका निभा रहा है न सिर्फ आमजन बल्कि पेड़ पौधे और जीव जंतु भी सुरक्षित महसूस करते हैं बीएसएफ जिस क्षेत्र में पोस्टेड है वहां पर पेड़ कटाई पर प्रतिबंध है और शिकार पर भी प्रतिबंध है|

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