भिलाई के सुपेला से फिर पकड़ाये अवैध रूप से रह रहे दो बांग्लादेशी

भिलाई । छत्तीसगढ़ में अवैध रूप से रह रहे, बांग्लादेशी / रोहिंग्या घुसपैठियों की धर पकड़ करने के लिए पूरे छग में चलाय जा रहे अभियान के तहत पुलिस द्वारा भिलाई में भी चलाये जा रहे अभियान में फिर सुपेला क्षेत्र में बीजा अवधि समाप्त होने के बाद भी नाम बदलकर अवैध रूप से रह रहे पति-पत्नी पकड़ाये।


ज्ञातव्य हो कि गत दो दिन पूर्व भी सुपेला क्षेत्र से एक बांग्लादेशी महिला अपना नाम बदलकर रह रही थी, जिसपर पुलिस ने कार्यवाही की। बीजा की अवधि समाप्त हो जाने के बाद भी यहां अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशियों पर कार्यवाही करने एवं उन्हें वापस भेजे जाने की कार्यवाही हेतु दुर्ग जिला में विशेष कार्य बल (एसटीएफ) का गठन किया गया है, जिनके द्वारा लगातार दुर्ग में अवैध रूप रह रहे बांग्लादेशी घुसपैठियों की पहचान करने के लिए कार्यवाही की जा रही है।
अवैध घुसपैठियों की पहचान करने की कार्यवाही में 16 मई शुक्रवार को सूचना मिली कि पांच रास्ता कांट्रेक्टर कालोनी सुपेला में स्थित एक मकान में एक
संदिग्ध बांग्लादेशी महिला एवं उसके पति अपना मूल पहचान छुपाते हुए ज्योति एवं रासेल शेख के नाम से रह रहे है। उक्त सूचना के आधार पर आगे की
कार्यवाही के लिए एसटीएफ को निर्देशित किया गया। एसटीएफ टीम के द्वारा दुर्गा बाई के मकान में रह रही महिला एवं उसके पति से पूछताछ करने पर उनके द्वारा अपना नाम ज्योति एवं रासेल शेख मूल निवासी ग्राम मोमिनपुर थाना स्वरूपनगर जिला उत्तर-24 परगना पश्चिम बंगाल का होना बताया गया।
विगत वर्ष 2009 से 2017 तक नवी मुंबई ठाणे में रहता था उसके बाद से शादी पार्टी में कार्य करने के लिए वर्ष 2017 से लगातार भिलाई में रहना बताया गया। पहचान के लिए महिला द्वारा ज्योति रासेल शेख एवं पुरुष द्वारा रासेल शेख के नाम का आधार कार्ड दिया गया जिसे जांच-पड़ताल के बाद फर्जी तरीके से बनाया पाया गया। उसके बाद महिला एवं उसके पति से बारीकी से पूछताछ करने पर उसने अपना मूल नाम शाहीदा खातून पिता मो. अब्दुस सलाम
खाँ उम्र 35 वर्ष एवं उसके पति द्वारा स्वयं का नाम मो. रासेल शेख पिता मो. फकीर अली शेख उम्र 36 वर्ष निवासी ग्राम बाला पोस्ट रघुनाथनगर थाना
झीकारगाछा जिला जेरसोर बांग्लादेश का होना बताया गया।
जांच के दौरान पाया गया कि बांग्लादेशी महिला शाहीदा खातून वर्ष 2009 रो भारत-बांग्लादेश अंतर्राष्ट्रीय बोंगा बार्डर से अवैध तरीके से नार्थ-24
परगना पश्चिम बंगाल मे प्रवेश कर हावडा होते हुए मुंबई जाकर मजदूरी कार्य के दौरान उसका परिचय बांग्लादेश निवासी मोह0 रासेल से हुई दोनों मुंबई से
वापिस बांग्लादेश गये, वहाँ पर योजनाबद्ध तरीके से महिला शाहीदा खातून ने अपना नाम बदलकर ज्योति रख लिया तथा मोह0 रासेल से शादी कर ली। शादी के पश्चात दोनों वर्ष 2017 में पासपोर्ट एवं भारतीय वीजा पर भारत मे प्रवेश किये। महिला ज्योति रासेल शेख का वीजा अवधि दिनांक 13.09.2018 एवं मो.
रासेल शेख का वीजा अवधि दिनांक 12.04.2020 था। दोनों बांग्लादेशी नागरिकों ने कोपरगाँव वासी नवी मुंबई ठाणे मे रहते हुए षडयंत्रपूर्वक
फर्जी दस्तावेजों का उपयोग कर जन्मतिथि एवं असली नाम को छुपाते हुए कमश: ज्योति रासेल शेख एवं रासेल शेख के नाम से फर्जी आधार कार्ड एवं पैन
कार्ड तैयार किये। पश्चात शादी पार्टी में काम करने मुंबई से भिलाई आकर रहने लगे। इसी दौरान वर्ष 2020 में बगैर विधिक दस्तावेज के भारत में
निवासरत होना पाये जाने से ज्योति रासेल शेख उर्फ शाहीदा खातून एवं रासेल शेख के विरूद्ध दुर्ग जिले में विदेशी विषयक अधिनियम, भारतीय पासपोर्ट
अधिनियम एवं भारतीय दण्ड विधान के विभिन्न धाराओं के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया। दोनों ने नवी मुंबई ठाणे में फर्जी रूप से तैयार पैन कार्ड एवं
आधार कार्ड में उल्लेखित पते में जानबूझकर परिवर्तन कराते हुए बांग्लादेशी नागरिक के मूल पहचान को छिपाते हुए उसमे कूटरचना कर उसमें
अम्बेडकर नगर कांट्रेक्टर कालोनी भिलाई का पता लेख कराया पश्चात उक्त फर्जी दस्तावेजों के आधार पर भिलाई मे फर्जी पैन कार्ड, मतदाता परिचय
पत्र, विभिन्न बैंकों में खाता खुलवाया। जॉच पर आरोपीगण द्वारा कलकत्ता स्थित मध्यस्थ के माध्यम से पैसा बांग्लादेश भेजना बताया गया।
इस प्रकार बांग्लादेशी नागरिक शाहीदा खातून उर्फ ज्योति रासेल शेख एवं मो. रासेल शेख पिता मो. फकीर अली शेख उम्र 36 वर्ष द्वारा बिना वैध
दस्तावेज के अवैध रूप से भारत में निवासरत होकर बांग्लादेशी नागरिक की मूल पहचान को छिपाते हुए स्वयं को भारतीय नागरिक सिद्ध करने के लिए
छलपूर्वक फर्जी पेन कार्ड, मतदाता परिचय पत्र एवं आधार कार्ड, बैंक संबंधी दस्तावेज इत्यादि कूटरचित दस्तावेज तैयार कर उनका दुरूपयोग करना
अपराध धारा 318(4), 319(2), 336 (3), 3 (5) बीएनएस. 14 विदेशी विषयक अधिनियम 1946, 12 पासपोर्ट अधिनियम 1967 एवं 03 पासपोर्ट (भारत में
प्रवेश) अधिनियम 1920 का घटित करना पाये जाने से अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया है। दोनों आरोपीयों के विरूद्ध पर्याप्त साक्ष्य
पाये जाने से उन्हे दिनांक 16.05.2025 को विधिवत गिरफ्तार किया गया है।
सम्पूर्ण कार्यवाही में एसटीएफ प्रभारी नगर पुलिस अधीक्षक सत्य प्रकाश तिवारी, निरीक्षक राजेश मिश्रा, निरीक्षक विजय यादव थाना प्रभारी सुपेला एवं उनकी टीम तथा एसटीएफ के सउनि रमेश सिन्हा, पंकज चतुर्वेदी एवं संतोष गुप्ता की उल्लेखनीय भूमिका रही।
