मध्यप्रदेश में इस बार मार्च की शुरुआत ही तेज गर्मी के साथ हुई है। आमतौर पर मार्च का महीना हल्की गर्मी और बदलते मौसम के लिए जाना जाता है, लेकिन इस बार मौसम ने अलग ही रुख दिखाया है। महीने के पहले ही सप्ताह में कई जिलों में तापमान तेजी से बढ़ गया है, जिससे लोगों को मई और जून जैसी तपिश का एहसास होने लगा है। मौसम के इस अचानक बदलाव ने लोगों की दिनचर्या को भी प्रभावित करना शुरू कर दिया है।
कई शहरों में 2 से 3 डिग्री तक बढ़ा तापमान

पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई शहरों में दिन का तापमान 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ गया है। तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण दोपहर के समय बाहर निकलना मुश्किल होता जा रहा है। बढ़ती गर्मी के चलते लोग जरूरी काम सुबह या शाम के समय ही निपटाने की कोशिश कर रहे हैं।

दोपहर में सड़कों पर दिखने लगा सन्नाटा
तापमान में अचानक हुई बढ़ोतरी का असर अब शहरों की सड़कों पर भी दिखाई देने लगा है। जहां आम दिनों में दोपहर के समय बाजारों में भीड़ रहती थी, वहीं अब तेज धूप के कारण सड़कों पर सन्नाटा नजर आने लगा है। लोग गर्मी से बचने के लिए घरों और दफ्तरों के अंदर रहना ज्यादा सुरक्षित समझ रहे हैं।
गन्ने के रस और मटकों की दुकानों की बढ़ी मांग
गर्मी बढ़ने के साथ ही ठंडे पेय पदार्थों की मांग भी बढ़ने लगी है। शहरों और कस्बों में जगह-जगह गन्ने के रस की मशीनें और मटकों में ठंडा पानी बेचने वाली दुकानों की संख्या बढ़ती दिखाई दे रही है। राहगीर और वाहन चालक गर्मी से राहत पाने के लिए गन्ने का रस, शिकंजी और ठंडा पानी पीते नजर आ रहे हैं।
मौसम विभाग और डॉक्टरों की सलाह
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार इस बार मार्च में तापमान सामान्य से अधिक दर्ज किया जा रहा है और आने वाले दिनों में गर्मी और बढ़ सकती है। वहीं डॉक्टरों का कहना है कि तेज धूप में ज्यादा देर तक रहने से डिहाइड्रेशन और थकान जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए लोगों को पर्याप्त पानी पीने, हल्का भोजन करने और दोपहर के समय धूप से बचने की सलाह दी जा रही है।





















