पिछले कुछ दिनों से जारी गिरावट के बाद मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार में राहत की बड़ी खबर देखने को मिली। सप्ताह के दूसरे कारोबारी दिन बाजार ने शानदार तेजी के साथ शुरुआत की और निवेशकों के चेहरे पर फिर से मुस्कान लौट आई। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 800 अंकों से अधिक की बढ़त के साथ खुला, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 150 अंकों से ज्यादा की तेजी के साथ कारोबार करता नजर आया। बीते दिनों वैश्विक तनाव और खासकर अमेरिका-इजरायल तथा ईरान के बीच बढ़ते युद्ध जैसे हालात के कारण निवेशकों में भारी घबराहट देखने को मिली थी। इसका सीधा असर शेयर बाजार पर पड़ा और लगातार गिरावट का दौर शुरू हो गया। कई सेक्टरों के शेयरों में भारी बिकवाली देखी गई, जिससे बाजार का माहौल काफी नकारात्मक हो गया था। हालांकि मंगलवार को हालात कुछ बदलते नजर आए और बाजार ने तेजी से वापसी की।
युद्ध तनाव के बीच बाजार को राहत
वैश्विक बाजारों में उतार-चढ़ाव का एक बड़ा कारण मध्य पूर्व में बढ़ता तनाव रहा है। अमेरिका और इजरायल के साथ ईरान के संभावित टकराव ने निवेशकों को काफी चिंतित कर दिया था। निवेशकों को डर था कि अगर युद्ध की स्थिति और गंभीर हुई तो इसका असर वैश्विक अर्थव्यवस्था, तेल की कीमतों और सप्लाई चेन पर पड़ सकता है। लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से हाल ही में दिए गए कुछ संकेतों ने बाजार में थोड़ी राहत पैदा की है। ट्रंप के बयान को निवेशकों ने इस रूप में लिया कि अमेरिका फिलहाल तनाव को और बढ़ाने के बजाय कूटनीतिक समाधान की दिशा में भी सोच सकता है। इसी वजह से वैश्विक बाजारों में भी थोड़ा सकारात्मक माहौल देखने को मिला और भारतीय शेयर बाजार में इसका असर साफ दिखाई दिया। इसके साथ ही क्रूड ऑयल की कीमतों में भी अचानक गिरावट दर्ज की गई। आमतौर पर जब तेल की कीमतें तेजी से बढ़ती हैं तो भारत जैसे आयातक देशों की अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ता है। लेकिन तेल के दामों में आई गिरावट से निवेशकों को राहत मिली और इससे बाजार के लिए सकारात्मक माहौल बना।

निवेशकों की वापसी से बढ़ा भरोसा

मंगलवार को बाजार खुलते ही कई सेक्टरों में खरीदारी देखने को मिली। बैंकिंग, आईटी और ऑटो सेक्टर के शेयरों में अच्छी तेजी दर्ज की गई। बड़े निवेशकों के साथ-साथ रिटेल निवेशकों की भी बाजार में वापसी देखने को मिली, जिससे सूचकांकों को मजबूती मिली। विशेषज्ञों का मानना है कि हाल की गिरावट के बाद कई मजबूत कंपनियों के शेयर आकर्षक स्तर पर पहुंच गए थे। ऐसे में निवेशकों ने इसे खरीदारी के मौके के रूप में देखा। यही वजह है कि बाजार में शुरुआती कारोबार में ही मजबूत उछाल देखने को मिला। हालांकि बाजार विशेषज्ञ अभी भी निवेशकों को सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं। उनका कहना है कि वैश्विक स्तर पर अनिश्चितता अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है और मध्य पूर्व की स्थिति पर नजर बनाए रखना जरूरी है। अगर भू-राजनीतिक तनाव फिर से बढ़ता है तो बाजार में उतार-चढ़ाव फिर से देखने को मिल सकता है।
फिलहाल के लिए मंगलवार की तेजी ने यह जरूर संकेत दिया है कि भारतीय शेयर बाजार में मजबूती की बुनियाद अभी भी कायम है। निवेशकों का भरोसा बरकरार है और सकारात्मक वैश्विक संकेत मिलते ही बाजार तेजी से उबरने की क्षमता रखता है। आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम, कच्चे तेल की कीमतें और विदेशी निवेशकों की गतिविधियां बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकती हैं।
























