ज्वाइनिंग से इंकार करने वाले 4 शिक्षक निलंबित, हाईकोर्ट में याचिका भी नहीं आई काम…

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कोरबा । शिक्षा विभाग में युक्तियुक्तकरण आदेशों की अवहेलना अब शिक्षकों पर भारी पड़ने लगी है। कोरबा जिले में नवीन पदस्थापना वाली संस्था में कार्यभार ग्रहण नहीं करने वाले चार शिक्षकों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। इन शिक्षकों ने युक्तियुक्तकरण के विरुद्ध हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था, लेकिन कोर्ट ने उनकी याचिकाएं खारिज कर दीं, जिसके बाद जिला शिक्षा अधिकारी ने अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए यह कदम उठाया।

क्या है मामला

शिक्षकों का युक्तियुक्तकरण जिले में चल रही काउंसलिंग प्रक्रिया के तहत किया गया था। इन्हें अतिशेष की श्रेणी में पाते हुए एकल शिक्षकीय और शिक्षक विहीन विद्यालयों में पदस्थापित किया गया था। लेकिन इन शिक्षकों ने नवीन संस्था में ज्वाइन करने से इनकार कर हाईकोर्ट, बिलासपुर में याचिका दायर कर दी।

कोर्ट ने नहीं मानी याचिका

उच्च न्यायालय ने शिक्षकों को युक्तियुक्तकरण समिति के समक्ष उपस्थित होकर अभ्यावेदन प्रस्तुत करने का अवसर दिया और तत्कालीन रूप से पदस्थापना आदेश पर रोक लगाई गई थी। लेकिन समिति की सुनवाई के बाद शिक्षकों की आपत्तियां अस्वीकार कर दी गईं और उन्हें नवीन संस्था में तत्काल ज्वाइन करने का आदेश दिया गया।

इसके बावजूद शिक्षकों ने न तो आदेश का पालन किया, न ही नवीन स्कूल में कार्यभार ग्रहण किया, जिससे नाराज होकर जिला शिक्षा अधिकारी ने चारों को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के नियम 3 के तहत निलंबित कर दिया है।

D.E.O. का सख्त संदेश

जिला शिक्षा कार्यालय ने पहले ही 30 जून 2025 को एक निर्देश जारी किया था कि यदि कोई शिक्षक नवीन संस्था में कार्यभार ग्रहण नहीं करता है, तो उसके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। अब उस चेतावनी को अमल में लाते हुए कार्रवाई की गई है।

यह निर्णय शिक्षा विभाग में अनुशासन और व्यवस्था बनाए रखने की दिशा में एक सख्त संदेश के तौर पर देखा जा रहा है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि युक्तियुक्तकरण आदेश की अवहेलना को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और भविष्य में भी ऐसे मामलों में कठोर कदम उठाए जाएंगे।

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