6 माह के बच्चों से लेकर बुजुर्गों ने की ज्ञान की पूजा
रायपुर । सीमंधर स्वामी जैन मंदिर व जिनकुशल सूरि जैन दादाबाड़ी में ज्ञानपंचमी पर जैन धर्म के बच्चे युवाओं श्रावक श्राविकाओं ने सम्यक ज्ञान की पूजा आराधना में भाग लिया। सीमंधर स्वामी जैन मंदिर व दादाबाड़ी ट्रस्ट के अध्यक्ष संतोष बैद व महासचिव महेन्द्र कोचर ने बताया कि ज्ञानपंचमी के अवसर पर पवित्र शास्त्रों व ज्ञान के महत्व को पहचानने के लिए धार्मिक पुस्तकों की पूजा की गई। माता पिता अपने 6 माह के बच्चों से लेकर बड़ी उम्र के बच्चों के साथ सम्यक ज्ञान की प्राप्ति के लिए पूजा अर्चना की।

उन्होंने बताया कि प्रातः से ही बच्चों के साथ अनेक युवाओं (Zen-G) ने मतिज्ञान श्रुतज्ञान अवधिज्ञान मनःपर्यव ज्ञान व केवलज्ञान की आराधना करते हुए 5 चैत्यवंदन किया तथा 51 प्रदक्षिणा व 51 खमासना देकर क्रिया सम्पन्न की गई । ज्ञानपंचमी के दिन से पंचमी का उपवास आरम्भ किया जाता है । यह शुक्ल पक्ष की पंचमी को पांच वर्ष पांच माह के लिए उपवास का संकल्प लिया जाता है । ज्ञानपंचमी के अवसर पर रविवार को महाविदेह आराधना केन्द्र में जैन शास्त्र , ज्ञान भंडार की पुस्तकें व ज्ञान के उपकरण सजाए गए । प्रातः से बच्चे व बड़े सभी सम्यक ज्ञान की प्राप्ति हेतु पूजन व चैत्यवंदन व अन्य क्रियाएं करने श्रद्धालु उमड़ पड़े।
ज्ञान पंचमी के अवसर पर ज्ञान पूजा व नवांगी पूजा करने वाले बच्चों को विशेष पुरस्कार प्रदान किया गया । खरतरगच्छ महिला परिषद की राष्ट्रीय संगठन मंत्री मंजू कोठारी ने बताया कि ज्ञानपंचमी के दिन कई श्रावक श्राविकाओं द्वारा मौन उपवास रखकर शास्त्रों व ज्ञान के उपकरणों की आराधना की गई व संध्या महाविदेह आराधना केन्द्र में प्रतिक्रमण किया गया ।
























