रायपुर। नियमितीकरण सहित अपनी 10 सूत्रीय मांगों को लेकर हफ्तेभर से ज्यादा समय से आंदोलनरत नेशनल हेल्थ मिशन (NHM) कर्मचारियों पर सरकार ने सख्ती बढ़ा दी है। स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल ने कहा कि संविदाकर्मी काम नहीं करेंगे तो भुगतान भी नहीं मिलेगा। इसी आधार पर विभाग ने ‘नो वर्क-नो पे’ का नोटिस जारी कर दिया है।


अब सरकार ने चेतावनी दी है कि अगर कर्मचारी जल्द काम पर नहीं लौटे तो बर्खास्तगी की कार्रवाई शुरू होगी। रायगढ़, कोरिया सहित कई जिलों के CMHO ने कर्मचारियों को पत्र जारी कर सेवा समाप्ति की चेतावनी दी है।
दूसरी ओर, एनएचएम संघ ने सरकार के आदेश को “दमनकारी” बताया है। प्रदेश अध्यक्ष अमित मिरी ने कहा कि पूरे महीने का वेतन काटना अन्यायपूर्ण है और समाधान संवाद से ही निकल सकता है।
गौरतलब है कि एनएचएम कर्मचारियों की 22% वेतन वृद्धि, ट्रांसफर नीति और 30 दिनों के मेडिकल अवकाश की मांग पर सरकार पहले ही सहमत हो चुकी है। लेकिन नियमितीकरण का मामला केंद्र सरकार की सहमति पर अटका हुआ है।
राजधानी रायपुर समेत सभी जिला मुख्यालयों में 18 अगस्त से जारी हड़ताल से प्रदेशभर की स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। छत्तीसगढ़ में एनएचएम के तहत करीब 16 हजार कर्मचारी कार्यरत हैं।
