चंबल नदी के जल बंटवारे को लेकर राजस्थान और मध्यप्रदेश के बीच 28 अक्टूबर को महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की जाएगी। बैठक में दोनों राज्यों के अधिकारी शामिल होंगे और चंबल के चारों प्रमुख बांधों में उपलब्ध पानी का आकलन किया जाएगा। इसी के आधार पर यह तय होगा कि रबी सीजन के दौरान किस राज्य को कितना पानी मिलेगा। अंतरराज्यीय तकनीकी कमेटी के सचिव सत्येंद्र पारीक ने बताया कि जल बंटवारे के साथ ही नहरों के रखरखाव और मरम्मत को लेकर भी निर्णय लिया जाएगा। बैठक से पहले ही मध्यप्रदेश सरकार ने राजस्थान को पत्र लिखकर रबी सीजन के लिए पानी छोड़ने पर सहमति जता दी है। फिलहाल मध्यप्रदेश की ओर से 3 हजार 900 क्यूसेक पानी का प्रवाह किया जा रहा है। इससे राजस्थान की लगभग ढाई लाख हेक्टेयर भूमि सिंचित होती है, जबकि मध्यप्रदेश में भी इतनी ही भूमि को पानी मिलता है।
























