नई दिल्ली ।पीएम नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच कभी हाई-प्रोफाइल ‘ब्रोमांस’ कहा जाने वाला रिश्ता अब एक अजीब कूटनीतिक दूरी में बदल गया है. ऐसे में सवाल है कि आखिर दोनों नेता एक-दूसरे से बच क्यों रहे हैं? पीएम नरेंद्र मोदी और डोनाल्ड ट्रंप के बीच आमने-सामने मुलाकात अब लगभग एक साल तक नहीं होगी.
इस साल जून में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को कनाडा से लौटते समय अमेरिका में रुकने का निमंत्रण दिया था, लेकिन मोदी ने यह प्रस्ताव ठुकरा दिया. इसके बाद अमेरिका ने पीएम मोदी को इस महीने शर्म अल-शेख में होने वाले सम्मेलन में बुलाया, जो ट्रंप की इज़रायल-फिलिस्तीन युद्ध समाप्त करने की उपलब्धि के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया था. पीएम मोदी ने यह निमंत्रण भी अस्वीकार कर दिया और उनकी जगह एक जूनियर मंत्री को भेजा.

अब ट्रंप मलेशिया में आयोजित आसियान शिखर सम्मेलन में हैं, जिसमें पीएम मोदी ने भाग नहीं लिया, बल्कि वर्चुअल माध्यम से शामिल हुए. यह पिछले दस वर्षों में सिर्फ दूसरी बार है, जब उन्होंने आसियान सम्मेलन में उपस्थिति नहीं दर्ज की.और अब नवंबर में प्रधानमंत्री दक्षिण अफ्रीका के जोहान्सबर्ग जाने वाले हैं, जहां G20 शिखर सम्मेलन आयोजित होगा. लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति पहले ही कह चुके हैं कि वे उस सम्मेलन में शामिल नहीं होंगे.























