अब तक 7 लोगों की मौत; संयुक्त राष्ट्र ने बताया “सदी का सबसे खतरनाक तूफान”
किंग्सटन/नई दिल्ली । कैरेबियाई देश जमैका मंगलवार को कैटेगरी-5 के तूफान ‘मेलिसा’ की चपेट में आ गया है। संयुक्त राष्ट्र ने इसे इस सदी का सबसे ताकतवर और विनाशकारी तूफान बताया है।

तूफान के दौरान हवाओं की गति 300 किलोमीटर प्रतिघंटा तक पहुंच गई, जिससे सैकड़ों घरों की छतें उड़ गईं, पेड़ और बिजली के खंभे जड़ से उखड़ गए। सरकार ने लगभग छह लाख लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है।
अब तक सात लोगों की मौत
तूफान से अब तक जमैका में तीन, हैती में तीन और डोमिनिकन रिपब्लिक में एक व्यक्ति की मौत की पुष्टि हुई है। स्थानीय प्रशासन के मुताबिक, कई लोग लापता हैं और सैकड़ों घायल हुए हैं। तूफान के असर से बिजली और संचार व्यवस्था पूरी तरह ठप हो चुकी है।
भारी बारिश और भूस्खलन का खतरा बढ़ा
‘मेलिसा’ के कारण जमैका में लगातार भारी बारिश जारी है। पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन और तटीय क्षेत्रों में भारी बाढ़ की आशंका जताई गई है। सरकार ने प्रभावित इलाकों में आपातकाल घोषित कर दिया है और लोगों से घरों से बाहर न निकलने की अपील की है।
राहत और बचाव कार्य तेज
संयुक्त राष्ट्र और वर्ल्ड फूड प्रोग्राम (WFP) की टीमें राहत कार्य में जुटी हैं। WFP के अनुसार, हजारों लोगों को खाद्य पैकेट और प्राथमिक चिकित्सा सामग्री पहुंचाई जा रही है। यूएन का कहना है कि बीते साल जुलाई में आए बेरिल तूफान के बाद मेलिसा अटलांटिक महासागर में आया सबसे शक्तिशाली तूफान है।
कैटेगरी-5 तूफान कितना खतरनाक होता है
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, कैटेगरी-5 तूफान हवाओं की गति 250 किमी/घं. से अधिक होने पर घोषित किया जाता है। ऐसे तूफान पूरे शहरों को तबाह करने की क्षमता रखते हैं और इन्हें “टोटल डेस्ट्रक्शन लेवल” पर वर्गीकृत किया जाता है।























