मनरेगा की डबरी ने बदली किस्मत : बुड़ार के किसान ढोलालाल बने आत्मनिर्भर किसान का नया उदाहरण

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कोरिया । कोरिया जिले के बुड़ार गाँव के मेहनतकश किसान ढोलालाल वर्षों से सिंचाई के अभाव की समस्या से जूझ रहे थे। केवल बारिश पर निर्भर खेती के कारण उनकी धान फसल अक्सर पानी की कमी से प्रभावित होती थी, जिससे उपज घटती और परिवार को आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था।

मनरेगा ने खोला समाधान का रास्ता : 

ग्राम पंचायत में मनरेगा के तहत पहले निर्मित एक सफल डबरी को देखकर ढोलालाल के मन में भी उम्मीद जगी। उन्होंने अपने खेत में डबरी निर्माण के लिए आवेदन किया। ग्राम सभा की अनुशंसा पर वित्तीय वर्ष 2023-24 में 2 लाख 40 हजार रुपए की लागत से व्यक्तिगत डबरी निर्माण को स्वीकृति प्रदान की गई।

डबरी निर्माण का कार्य ग्राम पंचायत एजेंसी के रूप में संपादित हुआ। ग्राम रोजगार सहायक और मेट ने मुनादी के माध्यम से ग्रामीणों में जागरूकता फैलाकर 30दृ40 से अधिक पंजीकृत श्रमिकों को नियोजित किया। निर्धारित समय-सीमा में निर्माण पूरा किया गया, जिससे ढोलालाल की सूखी भूमि पर स्थायी जल-स्रोत तैयार हो गया।

डबरी के निर्माण से ढोलालाल की खेती को नई दिशा मिली है। वे बताते हैं पहले फसल पकने के समय पानी की कमी से उपज कम होती थी, लेकिन अब डबरी ने यह समस्या खत्म कर दी है।अब अतिरिक्त बरसाती पानी सुरक्षित होकर पूरे वर्ष सिंचाई उपलब्ध रहती है, जिससे खेती स्थिर और सुरक्षित हुई है।

सब्जी उत्पादन से बढ़ी आय, बढ़ा आत्मविश्वास : 

सिंचाई सुविधा में सुधार के बाद ढोलालाल अब धान के साथ रबी की फसलें भी उगा रहे हैं। इसके अतिरिक्त उन्होंने एक एकड़ भूमि में व्यावसायिक सब्जी उत्पादन शुरू किया है, जिससे उनकी वार्षिक आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। यह परिवर्तन उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बना रहा है।

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