नवा रायपुर बनी नई तहसील, राजस्व कार्यों के लिए अब लोगों को नहीं जाना पड़ेगा दूर

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नवा रायपुर बनी नई तहसील, राजस्व कार्यों के लिए अब लोगों को नहीं जाना पड़ेगा दूर
नवा रायपुर बनी नई तहसील, राजस्व कार्यों के लिए अब लोगों को नहीं जाना पड़ेगा दूर

छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रशासनिक व्यवस्था को और मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण फैसला लेते हुए नवा रायपुर को नई तहसील बनाने की अधिसूचना जारी कर दी है। इस निर्णय से नवा रायपुर और आसपास के गांवों में रहने वाले लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। अब उन्हें जमीन, मुआवजा, नामांतरण, बंटवारा और अन्य राजस्व संबंधी कार्यों के लिए रायपुर शहर या अन्य तहसीलों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।

नवा रायपुर बनी नई तहसील, राजस्व कार्यों के लिए अब लोगों को नहीं जाना पड़ेगा दूर
नवा रायपुर बनी नई तहसील, राजस्व कार्यों के लिए अब लोगों को नहीं जाना पड़ेगा दूर

सरकार के इस फैसले के बाद रायपुर जिले में प्रशासनिक ढांचा और अधिक सुदृढ़ हो जाएगा। नई तहसील बनने से स्थानीय स्तर पर ही लोगों के राजस्व और प्रशासन से जुड़े काम आसानी से पूरे हो सकेंगे। इससे समय और धन दोनों की बचत होगी, साथ ही सरकारी सेवाओं तक लोगों की पहुंच भी आसान बनेगी। अब तक नवा रायपुर क्षेत्र के लोगों को अपने राजस्व कार्यों के लिए रायपुर या आसपास की अन्य तहसीलों में जाना पड़ता था। इस कारण लोगों को लंबी दूरी तय करनी पड़ती थी और कई बार एक ही काम के लिए बार-बार कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते थे। नई तहसील बनने से अब ये सभी काम स्थानीय स्तर पर ही पूरे हो सकेंगे। सरकार का मानना है कि तहसील बनने से प्रशासनिक कामकाज तेज होगा और लोगों की समस्याओं का समाधान भी जल्दी हो सकेगा। साथ ही स्थानीय स्तर पर अधिकारियों की उपलब्धता से आम नागरिकों को बेहतर सुविधा मिलेगी।

नवा रायपुर के तहसील बनने के साथ ही रायपुर जिले में प्रशासनिक इकाइयों की संख्या में वृद्धि होगी। अब जिले में रायपुर के साथ मंदिर हसौद, अभनपुर, धरसींवा, तिल्दा-नेवरा और नवा रायपुर जैसी तहसीलें होंगी। इससे प्रशासनिक कामकाज को व्यवस्थित तरीके से संचालित करने में मदद मिलेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि तेजी से विकसित हो रहे नवा रायपुर क्षेत्र के लिए अलग तहसील की जरूरत लंबे समय से महसूस की जा रही थी। यहां नई सरकारी संस्थाएं, आवासीय क्षेत्र और व्यावसायिक गतिविधियां तेजी से बढ़ रही हैं, ऐसे में प्रशासनिक सुविधाओं का विस्तार जरूरी हो गया था।

राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार नई तहसील के अंतर्गत कुल 39 गांवों को शामिल किया गया है। ये गांव राजस्व निरीक्षक मंडल के 20 पटवारी हल्कों में आते हैं। इन गांवों के लोगों को अब अपने सभी राजस्व कार्य नवा रायपुर तहसील कार्यालय में ही करवाने की सुविधा मिलेगी। तहसील बनने से जमीन से जुड़े मामलों जैसे नामांतरण, सीमांकन, बंटवारा और मुआवजा प्रक्रिया में भी तेजी आने की उम्मीद है। इससे किसानों और ग्रामीणों को काफी राहत मिलेगी।

नई तहसील के गठन से पहले प्रशासन की ओर से इसकी सीमाओं को लेकर दावा-आपत्तियां आमंत्रित की गई थीं। इस प्रक्रिया के दौरान कुछ आपत्तियां सामने आई थीं, जिनका विधिवत परीक्षण किया गया और उनका समाधान कर दिया गया। इसके बाद ही अंतिम अधिसूचना जारी की गई है विशेषज्ञों का मानना है कि नवा रायपुर को तहसील का दर्जा मिलने से क्षेत्र के विकास को नई गति मिलेगी। प्रशासनिक ढांचा मजबूत होने से सरकारी योजनाओं का क्रियान्वयन भी तेजी से होगा। इससे स्थानीय लोगों को सीधे लाभ मिलेगा और क्षेत्र में निवेश तथा विकास की संभावनाएं भी बढ़ेंगी।

कुल मिलाकर, नवा रायपुर को नई तहसील बनाने का फैसला क्षेत्र के लोगों के लिए एक बड़ी राहत और विकास की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। आने वाले समय में इससे प्रशासनिक सेवाएं अधिक प्रभावी और सुलभ होने की उम्मीद है।

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