तेहरान । इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की मौत से जुड़ी अफवाहों के बीच ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) का बयान सामने आया है, जिसे काफी आक्रामक माना जा रहा है। बयान में कहा गया कि यदि नेतन्याहू जीवित हैं, तो उनका पीछा जारी रखा जाएगा और पूरी ताकत से उन्हें खत्म करने की कोशिश की जाएगी।
मध्य पूर्व में जारी संघर्ष अब और अधिक तीखा होता दिखाई दे रहा है। ईरान की अर्ध-सरकारी फ़ार्स न्यूज़ एजेंसी के मुताबिक IRGC ने कहा है कि वह नेतन्याहू का पीछा तब तक करेगा, जब तक उन्हें मार नहीं दिया जाता।
नेतन्याहू की मौत से जुड़ी अफवाहों के बीच यह बयान और अधिक चर्चा में आ गया है। IRGC के कथन में कहा गया, “अगर इज़राइली प्रधानमंत्री अभी भी जीवित हैं, तो हम उनका पीछा जारी रखेंगे और पूरी ताकत से उन्हें खत्म करेंगे।”
यह विवाद उस समय और बढ़ गया जब सोशल मीडिया पर नेतन्याहू के एक वीडियो को लेकर दावा किया गया कि वह AI से तैयार किया गया डीपफेक वीडियो हो सकता है। कुछ यूज़र्स ने कहा कि वीडियो में उनके हाथ में छह उंगलियां दिखाई दे रही हैं, जिसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से बनी तस्वीरों में आने वाली तकनीकी गड़बड़ी का संकेत बताया गया।
हालांकि, इज़राइल के प्रधानमंत्री कार्यालय ने इन दावों को खारिज करते हुए कहा कि यह पूरी तरह फेक न्यूज़ है और प्रधानमंत्री स्वस्थ हैं।
यह अटकलें तब शुरू हुईं जब शुक्रवार को नेतन्याहू ने अपने ‘X’ (पूर्व में ट्विटर) अकाउंट पर एक वीडियो साझा किया, जिसमें वे इज़राइल, अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे संकट को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते नजर आए। वीडियो पोस्ट होने के बाद कुछ सोशल मीडिया यूज़र्स ने दावा किया कि जब उन्होंने अपना दाहिना हाथ उठाया, तो उसमें छह उंगलियों जैसा कुछ दिखाई दिया।
वीडियो के करीब 35 सेकंड के आसपास छोटी उंगली के पास मांस का एक छोटा अतिरिक्त हिस्सा दिखाई देता है, जिसे कुछ लोगों ने छठी उंगली समझ लिया। इसके बाद यह चर्चा शुरू हो गई कि यह AI से बने वीडियो की तकनीकी त्रुटि हो सकती है।
ये अटकलें ऐसे समय में सामने आई हैं जब 28 फरवरी को ईरान पर अमेरिका और इज़राइल के संयुक्त हमलों के बाद क्षेत्र में तनाव काफी बढ़ गया है।
























