
रायपुर छत्तीसगढ़ के चर्चित शराब घोटाले में Enforcement Directorate (ED) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए रायपुर, बिलासपुर और दुर्ग-भिलाई समेत 13 ठिकानों पर छापेमारी की।
क्या-क्या हुआ जब्त
छापेमारी के दौरान एजेंसी को बड़ी मात्रा में संपत्ति मिली:
करीब 53 लाख रुपये नकद
लगभग 3.23 किलोग्राम सोना (करीब 4.86 करोड़ रुपये मूल्य)
महत्वपूर्ण दस्तावेज और डिजिटल उपकरण
कुल जब्ती की कीमत लगभग 5.39 करोड़ रुपये बताई गई है।
किस कानून के तहत कार्रवाई
यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत की गई।
घोटाले की जांच में क्या सामने आया
वर्ष 2019 से 2022 के बीच कथित अनियमितताएं
शराब की खरीद, लाइसेंसिंग और बिक्री में अवैध कमीशन वसूली
एक संगठित नेटवर्क की भूमिका
- इस नेटवर्क में कथित तौर पर
- राजनीतिक पदाधिकारी
- वरिष्ठ अधिकारी
- आबकारी विभाग के कर्मचारी
- शराब कारोबारी
- शामिल बताए जा रहे हैं।
अब तक की बड़ी कार्रवाई
- 9 लोगों की गिरफ्तारी
- करीब 380 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क
- 81 आरोपियों/संस्थाओं के खिलाफ 6 अभियोजन शिकायतें
इन मामलों की सुनवाई विभिन्न अदालतों में जारी है।
आगे क्या
- ED के अनुसार
हालिया छापेमारी से जांच को और मजबूती मिली है
आगे और गिरफ्तारी और कुर्की की संभावना है
यह कार्रवाई छत्तीसगढ़ के शराब घोटाले में अब तक की महत्वपूर्ण कड़ी मानी जा रही है, जिससे पूरे नेटवर्क के और खुलासे होने की उम्मीद है।



















