
करीब 14 करोड़ रुपये की लागत से स्टेशन का आधुनिकीकरण, एस्केलेटर, लिफ्ट, नए प्लेटफॉर्म और पार्किंग जैसी सुविधाओं का हो रहा विकास
राजनांदगांव। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत राजनांदगांव रेलवे स्टेशन को आधुनिक और आकर्षक स्वरूप देने के लिए करीब 14 करोड़ रुपये की लागत से विकास कार्य किए जा रहे हैं। स्टेशन भवन से लेकर उसके अग्रभाग तक को नया रूप दिया जा रहा है। आधुनिकीकरण के बाद स्टेशन की सुंदरता बढ़ने के साथ यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलने की उम्मीद है।
यात्रियों की सुविधा के लिए विकसित हो रहीं नई व्यवस्थाएं
राजनांदगांव रेलवे स्टेशन के मुख्य स्टेशन प्रबंधक आर.के. बर्मन ने बताया कि यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए स्टेशन परिसर में एस्केलेटर, लिफ्ट, नए प्लेटफॉर्म और पार्किंग जैसी सुविधाओं का विकास किया जा रहा है। इन व्यवस्थाओं से यात्रियों को स्टेशन पर आने-जाने में सहूलियत मिलेगी। खासकर बुजुर्गों, दिव्यांगजनों और भारी सामान लेकर यात्रा करने वाले यात्रियों को लिफ्ट और एस्केलेटर से लाभ होगा।
स्टेशन परिसर में दिखेगी शहर की सांस्कृतिक पहचान
स्टेशन के आधुनिकीकरण के साथ राजनांदगांव की संस्कृति, सभ्यता और अंतरराष्ट्रीय खेलों में शहर का प्रतिनिधित्व करने वाली प्रतिभाओं को भी चित्रों के माध्यम से प्रदर्शित किया गया है। इससे स्टेशन पहुंचने वाले यात्रियों को शहर की सांस्कृतिक विरासत और उपलब्धियों की झलक देखने को मिलेगी।
आधुनिक सुविधाओं से यात्री खुश
राजनांदगांव रेलवे स्टेशन पहुंचे यात्रियों ने स्टेशन के बदले स्वरूप और विकास कार्यों की सराहना की। यात्रियों का कहना है कि अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत हो रहे कार्यों से स्टेशन की सुंदरता बढ़ रही है और यात्री सुविधाओं में भी सुधार हो रहा है। उन्होंने इस पहल के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री के प्रति आभार जताया। कुछ यात्रियों ने स्टेशन के आधुनिक स्वरूप की तुलना हवाई अड्डे जैसी सुविधाओं से भी की।
यात्री सुविधाओं को बेहतर बनाने पर जोर
अमृत भारत स्टेशन योजना का उद्देश्य देशभर के रेलवे स्टेशनों का पुनर्विकास कर उन्हें आधुनिक सुविधाओं से लैस करना और यात्रियों के लिए बेहतर, व्यवस्थित तथा आकर्षक वातावरण उपलब्ध कराना है। राजनांदगांव रेलवे स्टेशन शहर के प्रमुख परिवहन केंद्रों में से एक है। ऐसे में इसका आधुनिकीकरण यात्री सुविधाओं को बेहतर बनाने के साथ शहर की पहचान को नया स्वरूप देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।


















