नारायणपुर । छत्तीसगढ़ में नक्सल विरोधी अभियान को एक और बड़ी सफलता मिली है। बुधवार को अबूझमाड़ के कुतुल इलाके में सक्रिय दो महिला सहित आठ नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर दिया। सरेंडर करने वालों में डीवीसीएम डॉ. सुकलाल भी शामिल हैं, जिन पर लाखों रुपये का इनाम घोषित था।


पुलिस के सामने सरेंडर
नक्सलियों ने नारायणपुर पुलिस अधीक्षक रोबिनसन गुड़िया के समक्ष आत्मसमर्पण किया। एसपी ने जानकारी दी कि इन आठ नक्सलियों पर मिलाकर 30 लाख रुपये का इनाम घोषित था। लगातार चल रहे सुरक्षा अभियानों और दबाव के कारण नक्सल संगठन में टूट और बदलाव देखने को मिल रहा है।
सरकार की पुनर्वास योजना का लाभ
एसपी गुड़िया ने बताया कि सभी सरेंडर नक्सलियों को राज्य सरकार की पुनर्वास नीति का लाभ दिया जाएगा। उन्हें सुरक्षा, आवास, रोजगार और कौशल विकास जैसी सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी।
रणनीतिक सफलता
अबूझमाड़ जैसे दुर्गम और संवेदनशील इलाके में नक्सलियों का आत्मसमर्पण सुरक्षा बलों की रणनीतिक सफलता माना जा रहा है। पुलिस का मानना है कि इस कदम से इलाके में नक्सल गतिविधियों को बड़ा झटका लगेगा और स्थानीय स्तर पर शांति स्थापित करने में मदद मिलेगी।
