
वॉशिंगटन अंतरिक्ष इतिहास में एक और बड़ी उपलब्धि दर्ज करते हुए NASA का आर्टेमिस-II मिशन अब अपनी यात्रा के अंतिम चरण में पहुंच चुका है। 1 अप्रैल को लॉन्च हुआ यह मिशन चंद्रमा की परिक्रमा पूरी कर अब पृथ्वी की ओर लौट रहा है।
कब होगी लैंडिंग
नासा के अनुसार, अंतरिक्ष यान का 10 अप्रैल को प्रशांत महासागर में स्प्लैशडाउन होने की संभावना है, जहां अंतरिक्ष यात्रियों का सुरक्षित वापसी का इंतजार किया जा रहा है।
क्यों है खास यह मिशन
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पांच दशक बाद मानवता की गहरे अंतरिक्ष में वापसी
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पृथ्वी की निचली कक्षा से बाहर मानव मिशन
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भविष्य के चंद्र मिशनों की तैयारी
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रिकॉर्ड तोड़ यात्रा
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इस मिशन ने दूरी के मामले में नया रिकॉर्ड बनाया है।
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दल ने करीब 2.48 लाख मील से ज्यादा दूरी तय की
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अधिकतम दूरी 2.52 लाख मील तक पहुंची
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यह उपलब्धि अपोलो-13 मिशन के रिकॉर्ड से भी आगे निकल गई
मिशन में कौन-कौन शामिल
इस ऐतिहासिक मिशन में चार अंतरिक्ष यात्री शामिल रहे—
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Reid Wiseman
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Victor Glover
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Christina Koch
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Jeremy Hansen
आगे की राह
यह 10 दिन का मिशन स्पेस लॉन्च सिस्टम रॉकेट और ओरियन यान की क्षमता को परखने के लिए था। इसे चंद्रमा पर मानव मिशनों और वहां लंबे समय तक मौजूदगी स्थापित करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
यह मिशन न सिर्फ अंतरिक्ष विज्ञान में नई उपलब्धि है, बल्कि भविष्य में चंद्रमा और उससे आगे की यात्राओं के लिए रास्ता भी तैयार कर रहा है।



















