रायपुर । बहुचर्चित भारतमाला परियोजना मुआवजा घोटाले में बड़ी कार्रवाई करते हुए जांच एजेंसी ने लंबे समय से फरार चल रहे तत्कालीन एसडीओ और भू-अर्जन के सक्षम प्राधिकारी निर्भय कुमार साहू को गिरफ्तार कर लिया है। उन पर पद का दुरुपयोग कर करोड़ों रुपये के फर्जी मुआवजे का भुगतान करने का आरोप है।
भूमि अधिग्रहण में गड़बड़ी
यह मामला भारतमाला परियोजना के तहत अभनपुर क्षेत्र में भूमि अधिग्रहण से जुड़ा है। जांच में सामने आया है कि आरोपी ने पटवारी, राजस्व निरीक्षक और जमीन कारोबारियों के साथ मिलकर साजिश रची। ग्राम नायकबांधा, उगेतरा, उरला, भेलवाडीह और टोकरो की जमीन को बैकडेट में छोटे-छोटे हिस्सों में बांटकर कई गुना अधिक मुआवजा जारी किया गया।
जलाशय की जमीन में भी फर्जीवाड़ा
जांच में यह भी पता चला कि नायकबांधा जलाशय के लिए पहले से अधिग्रहित भूमि को दोबारा परियोजना के नाम पर अधिग्रहित दिखाकर मुआवजा वितरित किया गया, जिससे शासन को करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ।
जमानत खारिज, वारंट के बाद गिरफ्तारी
आरोपी ने गिरफ्तारी से बचने के लिए सुप्रीम कोर्ट में जमानत याचिका दायर की थी, जिसे खारिज कर दिया गया। इसके बाद विशेष न्यायालय से स्थायी गिरफ्तारी वारंट जारी हुआ, लेकिन वह लगातार फरार था।
30 मार्च तक पुलिस रिमांड
गिरफ्तारी के बाद आरोपी को विशेष न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे 17 से 30 मार्च 2026 तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है। इस दौरान घोटाले के पूरे नेटवर्क और अन्य आरोपियों के संबंध में गहन पूछताछ की जाएगी।
जांच एजेंसियों को उम्मीद है कि पूछताछ में इस मामले से जुड़े कई बड़े नाम और अहम तथ्य सामने आ सकते हैं।























