ढाका । बांग्लादेश में हुए आम चुनाव के अंतिम नतीजों ने देश की सियासत में एक नए युग की शुरुआत कर दी है। बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) ने प्रचंड बहुमत हासिल करते हुए 20 साल बाद सत्ता में वापसी की है। 299 सीटों में से घोषित 286 परिणामों में BNP ने 209 सीटें जीतकर स्पष्ट बहुमत (जादुई आंकड़ा 151) हासिल कर लिया है। 35 साल बाद पुरुष प्रधानमंत्री, टूटेगा ‘दो महिलाओं’ का वर्चस्व इस जीत के साथ ही BNP अध्यक्ष तारिक रहमान का प्रधानमंत्री बनना तय हो गया है। बांग्लादेश के राजनीतिक इतिहास में यह एक बड़ा मोड़ है:
1988 में काजी जफर अहमद के बाद, यानी 35 साल बाद देश को कोई पुरुष प्रधानमंत्री मिलने जा रहा है। 1991 से 2024 तक देश की सत्ता बारी-बारी से शेख हसीना और खालिदा जिया के इर्द-गिर्द घूमती रही, जिसे अब तारिक रहमान ने तोड़ दिया है। पिछले साल दिसंबर में 17 साल का वनवास काटकर स्वदेश लौटे तारिक ने दो सीटों से चुनाव लड़ा और दोनों पर भारी मतों से जीत हासिल की।
जमात-ए-इस्लामी के नेतृत्व वाले 11 दलों के गठबंधन ने भी प्रभावशाली प्रदर्शन किया है और अब तक 70 सीटें अपने नाम की हैं। जमात प्रमुख शफीकुर रहमान ने ढाका-15 सीट से जीत दर्ज कर संसद में अपनी जगह पक्की की है।
पड़ोसी देश में हुए इस बड़े उलटफेर पर भारत ने सधी हुई प्रतिक्रिया दी है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत अंतिम परिणामों और पूर्ण जनादेश के औपचारिक ऐलान का इंतजार कर रहा है। भारत के लिए यह चुनाव कूटनीतिक दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि पिछले 15 वर्षों से शेख हसीना की आवामी लीग के साथ भारत के संबंध बेहद घनिष्ठ रहे थे।
























