डिप्टी सीएम साव ने की नगरीय प्रशासन विभाग के कार्यों की समीक्षा

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रायपुर । उप मुख्यमंत्री साव ने नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने मंत्रालय में आयोजित मैराथन बैठक में विभागीय योजनाओं का सक्रियता से क्रियान्वयन कर नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने, निर्माण कार्यों की गति बढ़ाने तथा स्वच्छता एवं सौंदर्यीकरण के कार्यों को प्रभावी तरीके से धरातल पर उतारने के निर्देश दिए। उन्होंने बैठक में 25 से अधिक योजनाओं की प्रगति की समीक्षा कर अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के सचिव डॉ. बसवराजु एस. और संचालक आर. एक्का भी बैठक में शामिल हुए।

उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने बैठक में अधिकारियों से कहा कि शहरों को स्वच्छ, सुंदर और नागरिक सुविधाओं से परिपूर्ण बनाने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं। बीते डेढ़ वर्षों में नगरीय प्रशासन विभाग ने कई नवाचार किए हैं, जिससे शहरी सेवाओं में व्यापक सुधार आया है। विभागीय योजनाओं और सुविधाओं के क्रियान्वयन में और ज्यादा गति तथा पारदर्शिता के साथ परिणाममूलक कार्य करने की जरूरत है। उन्होंने योजनाओं को समयबद्ध और प्रभावी ढंग से लागू करने पर जोर दिया, जिससे कि शहरों के विकास को नई दिशा दी जा सके।

उप मुख्यमंत्री ने राज्य शहरी विकास अभिकरण (SUDA) द्वारा संचालित ई-गवर्नेंस और मोर संगवारी योजना की समीक्षा करते हुए इनकी प्रक्रियाओं में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने निदान-1100 योजना के विस्तार के साथ ही नए आरएफपी की प्रक्रिया को शीघ्र अंतिम रूप देने को कहा। उन्होंने अमृत मिशन के तहत बस्तर और सरायपाली के लिए तैयार किए गए डीपीआर का जल्दी परीक्षण कर प्राथमिकता से स्वीकृत करने को कहा।

 

साव ने स्थानीय निकायों के वर्गीकरण और सेट-अप में सुधार के लिए राज्य शासन को भेजे गए प्रस्तावों की समीक्षा की। उन्होंने इंजीनियरों की भर्ती की प्रक्रिया को शीघ्र प्रारंभ करने वित्त विभाग से अनुमति प्राप्त कर इसमें तेजी से कार्यवाही करने के निर्देश दिए। उन्होंने बैठक में सभी विभागीय कार्यों को समय-सीमा में पूर्ण करने तथा नगरीय निकायों को दक्ष और जवाबदेह बनाने पर जोर दिया। उन्होंने 15वें वित्त आयोग के तहत प्रस्तावित योजनाओं पर कार्यवाही शीघ्र प्रारंभ करने को कहा।

 

उप मुख्यमंत्री ने ईईएसएल के साथ हुए अनुबंध के अंतर्गत पारंपरिक लाइट्स को एलईडी में बदलने का कार्य समय-सीमा में पूर्ण हो सके, इसके लिए सभी नगरीय निकायों के आयुक्तों और मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को प्रतिदिन विद्युत संधारण कार्यों की निगरानी और समीक्षा करने के निर्देश दिए। उन्होंने भिलाई क्लस्टर के लिए तैयार इंटीग्रेटेड सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट परियोजना को जल्द अमल में लाने को कहा।

नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग की उप सचिव डॉ. रेणुका श्रीवास्तव और डॉ. ऋतु वर्मा, राज्य शहरी विकास अभिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी शशांक पाण्डेय, अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी दुष्यंत कुमार रायस्त, अपर संचालक पुलक भट्टाचार्य और मुख्य अभियंता राजेश शर्मा सहित नगरीय प्रशासन विभाग एवं सुडा के अधिकारी बैठक में मौजूद थे।

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