कलेक्टर नेहा मारव्या ने आज शासकीय माध्यमिक शाला चिरपोटी, पूर्व माध्यमिक शाला पारापानी, शासकीय एकीकृत माध्यमिक शाला हर्रा टोला, प्राथमिक शाला हर्राटोला, प्राथमिक शाला गिधलौंडी, शासकीय सेटेलाइट प्राथमिक शाला सडक टोला बरगा, प्राथमिक शाला कचनारी, शासकीय माध्यमिक शाला किसलपुरी और शासकीय कन्या माध्यमिक शाला किसलपुरी का औचक निरीक्षण कर शिक्षा की गुणवत्ता, विद्यार्थियों की उपस्थिति, मध्यान्ह भोजन योजना, शिक्षकों की उपस्थिति तथा विद्यालय परिसरों की स्वच्छता का अवलोकन किया। कलेक्टर ने अचानक विद्यालयों के कक्षाओं में पहुँचीं और विद्यार्थियों से पाठ्यक्रम से जुड़े सवाल पूछे। उन्होंने बच्चों की उत्तर देने की क्षमता, पढ़ने की शैली और पठन-पाठन सामग्री की स्थिति का निरीक्षण किया। कुछ विद्यालयों में छात्रों के उत्तर से संतोष व्यक्त किया, वहीं कुछ स्थानों पर शिक्षण की गुणवत्ता में सुधार की आवश्यकता जताई। कलेक्टर ने शिक्षकों को निर्देश दिए कि वे समय पर विद्यालय पहुंचकर नियमित रूप से शिक्षण कार्य करें तथा बच्चों को सक्रिय रूप से सीखने के लिए प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि बच्चों की नींव मजबूत करने में शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। उन्होंने मध्यान्ह भोजन की जांच करते हुए साफ-सफाई, भोजन की गुणवत्ता, मीनू के अनुसार भोजन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। मध्यान्ह भोजन में लापरवाही करने वाले कर्मचारी के विरूद्ध कार्यवाही करने तथा विकासखंड शिक्षा अधिकारी को सतत निगरानी रखने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने विद्यालय परिसरों की साफ-सफाई, पेयजल सुविधा, शौचालयों की स्थिति, पुस्तकालय और खेल सामग्री की उपलब्धता का भी जायजा लिया। जिन विद्यालयों में मूलभूत सुविधाएं कम पाई गईं, वहां संबंधित अधिकारी को शीघ्र सुधार हेतु निर्देशित किया गया। उन्होंने कहा कि “विद्यालय केवल पढ़ाई का स्थान नहीं, बल्कि बच्चों के समग्र विकास का केंद्र हैं। हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि हर बच्चा स्कूल आए, सीखे और सुरक्षित माहौल में बढ़े।“ माध्यमिक शाला हर्राटोला के प्रभारी ने बताया कि विद्यालय में शत प्रतिशत छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं, विद्यालय में लाइट बंद है जिसपर कलेक्टर ने एमपीईबी ईई को तुरंत सुधार कार्य कर विद्युत चालू करने के निर्देश दिए। इसी प्रकार शासकीय सेटेलाइट प्राथमिक शाला सडक टोला बरगा भवन की स्थिति जर्जर एवं बरसात का पानी टपकने की स्थिति को देखते हुए कलेक्टर ने जिला शिक्षा अधिकारी को तुरंत विद्यालय दूसरे स्थान पर संचालित करने के निर्देश दिए तथा इस लापरवाही पर विकासखंड शिक्षा अधिकारी को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।


