सारंगढ़ । जिले में एक वृद्ध दंपति को आश्रम से बाहर निकाले जाने का मामला सामने आने के बाद कई सवाल खड़े हो गए हैं। गोरखनाथ नायक और उनकी पत्नी पद्मा ने जिला प्रशासन से न्याय की मांग करते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की अपील की है।
जानकारी के मुताबिक, बरमकेला विकासखंड के खोरी गांव निवासी गोरखनाथ नायक अपनी पत्नी के साथ पारिवारिक प्रताड़ना से परेशान होकर घर छोड़ने को मजबूर हुए थे। उनका आरोप है कि उनका पुत्र नशे की लत के कारण उनके साथ मारपीट करता था। इसके बाद दोनों जनवरी 2026 में सारंगढ़ स्थित आशा निकेतन वृद्धाश्रम में रहने लगे।
गोरखनाथ के अनुसार, करीब दो महीने तक सब कुछ सामान्य रहा, लेकिन 14 मार्च को अचानक आश्रम प्रबंधन ने उन्हें बाहर निकाल दिया। दंपति का आरोप है कि उनके साथ दुर्व्यवहार किया गया और बिना कोई ठोस कारण बताए आश्रम से बेदखल कर दिया गया।
आश्रम से निकाले जाने के बाद गोरखनाथ सीधे कलेक्टर कार्यालय पहुंचे, जहां से उन्हें अस्थायी रूप से सियान सदन में ठहराया गया। इसके बाद 16 मार्च को उन्होंने कलेक्टर को लिखित शिकायत देकर न्याय की मांग की और सिटी कोतवाली में भी आवेदन सौंपा।
दंपति ने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें घर छोड़ने के बहाने वाहन में बैठाकर जंगल में छोड़ दिया गया, जिससे मामला और गंभीर हो गया है।
17 मार्च को जनदर्शन कार्यक्रम में एक बार फिर कलेक्टर के सामने पहुंचकर गोरखनाथ ने निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की।
इस घटना के बाद यह सवाल उठ रहा है कि यदि आशा निकेतन एक सरकारी वृद्धाश्रम है, तो वहां से दंपति को बाहर क्यों किया गया और निगरानी व्यवस्था कितनी प्रभावी है। फिलहाल मामले में जांच की आवश्यकता बताई जा रही है।
























