EOW का डर दिखाकर रिटायर्ड इंजीनियर से ठगी, जान-पहचान का ही निकला मास्टरमाइंड

0
83

EOW का डर दिखाकर रिटायर्ड इंजीनियर से ठगी, जान-पहचान का ही निकला मास्टरमाइंड

रायपुर राजधानी रायपुर में साइबर ठगी का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां एक शातिर आरोपी ने पुराने परिचय का फायदा उठाकर पीडब्ल्यूडी के रिटायर्ड अधिकारी से लाखों रुपये ठग लिए। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।

पुलिस के मुताबिक, पीड़ित देवलाल टेकाम, जो पीडब्ल्यूडी से रिटायर्ड सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर (SE) हैं, को 28 जनवरी को दो अलग-अलग नंबरों से कॉल आया। कॉल करने वालों ने खुद को EOW (आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा) का अधिकारी बताते हुए उनके खिलाफ शिकायत दर्ज होने की बात कही।

घबराए पीड़ित ने यह बात अपने पुराने परिचित धर्मेन्द्र चौहान को बताई। आरोपी ने भरोसा दिलाया कि वह मामले को संभाल लेगा और नंबर ब्लॉक करवा देगा। इसके बाद उसने अपनी गर्लफ्रेंड के नाम पर लिए गए नंबर से व्हाट्सएप कॉल और मैसेज कर पीड़ित को डराना शुरू कर दिया।

आरोपी ने खुद को EOW अधिकारी बताते हुए फर्जी शिकायत की कॉपी भी भेजी और मामला खत्म कराने के नाम पर 10 लाख रुपये की मांग की। डर के कारण पीड़ित ने उसे करीब 9.5 लाख रुपये दे दिए।

जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी धर्मेन्द्र चौहान जगदलपुर में टेंट व्यवसाय करता है और वह पीड़ित की नौकरी, पोस्टिंग और निजी जानकारी से भली-भांति परिचित था। इसी जानकारी का फायदा उठाकर उसने पूरी ठगी की साजिश रची।

पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और उसके पास से वारदात में इस्तेमाल किए गए मोबाइल और सिम कार्ड जब्त किए हैं। मामले में साइबर ठगी और ब्लैकमेलिंग की धाराओं में केस दर्ज किया गया है।

कैसे बचें ऐसे फ्रॉड से

  • किसी भी कॉल पर खुद को सरकारी अधिकारी बताने वाले की तुरंत पुष्टि करें।

  • EOW, CBI या पुलिस कभी फोन पर पैसे नहीं मांगती।

  • अनजान नंबर से आए दस्तावेज या शिकायत कॉपी पर भरोसा न करें।

  • डराने या दबाव बनाने वाले कॉल्स की तुरंत पुलिस में शिकायत करें।

यह मामला एक बार फिर साबित करता है कि साइबर ठग अब जान-पहचान का फायदा उठाकर भी लोगों को निशाना बना रहे हैं, इसलिए सतर्क रहना बेहद जरूरी है।

0Shares

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here