जगतसिंहपुर । ओडिशा के जगतसिंहपुर जिले में देवी नदी के मुहाने पर करीब 30 फीट लंबी एक विशाल व्हेल का शव मिलने से हड़कंप मच गया। इस दुर्लभ समुद्री जीव के अचानक नदी के मुहाने तक पहुंचने से स्थानीय लोगों में हैरानी और चिंता का माहौल बन गया है, वहीं प्रशासन और वन विभाग भी अलर्ट मोड पर है।
यह घटना बालिकुड़ा ब्लॉक के नदियाखुआ क्षेत्र की है, जो बंधार मरीन पुलिस स्टेशन और बंधार फॉरेस्ट रेंज के अंतर्गत आता है। सबसे पहले स्थानीय मछुआरों ने नदी के मुहाने पर व्हेल के शव को देखा, जिसके बाद तत्काल मरीन पुलिस और वन विभाग को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम नाव के जरिए मौके पर पहुंची और शव को अपने कब्जे में लिया।
स्थानीय वन अधिकारी प्रियव्रत चौधरी के अनुसार, मामले की गंभीरता को देखते हुए नंदनकानन जैविक उद्यान से विशेषज्ञों की एक विशेष टीम बुलाई गई। साथ ही पशु चिकित्सा विभाग की मेडिकल टीम ने भी मौके पर पहुंचकर आवश्यक जांच की। बताया गया कि शनिवार शाम को ही व्हेल नदी के मुहाने पर फंसी हुई दिखाई दी थी, लेकिन अंधेरा होने के कारण तत्काल कार्रवाई संभव नहीं हो सकी। रविवार सुबह कुजंग फॉरेस्ट डिवीजन के अधिकारी नंदनकानन से आई टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और शव को सावधानीपूर्वक कटक ले जाया गया, जहां विस्तृत पोस्टमार्टम किया गया।
वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही व्हेल की मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा। फिलहाल पूरे मामले की जांच की जा रही है और हर पहलू पर बारीकी से नजर रखी जा रही है।
शुरुआती जांच में ब्राइड व्हेल होने की आशंका
वन अधिकारियों की प्रारंभिक जांच और विशेषज्ञों के आकलन के अनुसार, देवी नदी के मुहाने पर मिली मृत व्हेल ब्राइड व्हेल (Balaenoptera brydei) हो सकती है। यह एक बड़ी बालीन व्हेल प्रजाति है, जिसकी लंबाई सामान्यतः 25 से 30 फीट तक होती है। ब्राइड व्हेल आमतौर पर गहरे समुद्री और तटीय जल क्षेत्रों में पाई जाती है और बंगाल की खाड़ी में कभी-कभी इसके दिखाई देने की घटनाएं सामने आती रही हैं।
क्यों नदी या तट तक आ जाती हैं व्हेल?
समुद्री जीव विशेषज्ञों के अनुसार, भारत के पूर्वी तट, विशेषकर ओडिशा और बंगाल की खाड़ी क्षेत्र में कभी-कभी व्हेल और डॉल्फिन के तट पर फंसने (बीचिंग) की घटनाएं सामने आती रही हैं। इसके पीछे कई संभावित कारण माने जाते हैं:
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प्राकृतिक कारण: उम्र, बीमारी या शरीर में गंभीर संक्रमण
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नेविगेशन में गड़बड़ी: तेज समुद्री धाराएं या सोनार जैसी तेज ध्वनि तरंगें
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मानवजनित कारण: मछली पकड़ने के जाल में फंसना, समुद्री प्रदूषण या जहाजों से टकराव
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पानी की गहराई में बदलाव: नदी के मुहाने पर अचानक उथला पानी होने से विशाल जीव बाहर निकल नहीं पाते
विशेषज्ञों का मानना है कि व्हेल का नदी के मुहाने तक आना सामान्य नहीं होता और अक्सर यह किसी असामान्य परिस्थिति का संकेत होता है। यही कारण है कि वन विभाग और विशेषज्ञ इस मामले को गंभीरता से लेते हुए हर पहलू की जांच कर रहे हैं।
फिलहाल प्रशासन और वन विभाग ने स्थानीय लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और जांच में सहयोग करें। विस्तृत पोस्टमार्टम रिपोर्ट और संभावित डीएनए जांच के बाद ही व्हेल की प्रजाति और मौत के कारण की आधिकारिक पुष्टि हो सकेगी।























