सर्दियों में बढ़ता हार्ट अटैक का खतरा: जानिए क्यों ज़रूरी है सावधानी (Heart Attack Risk Increases in Winter: Know Why Caution is Important)

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सर्दियों में बढ़ता हार्ट अटैक का खतरा: जानिए क्यों ज़रूरी है सावधानी
Heart Attack Risk Increases in Winter: Know Why Caution is Important

जैसे-जैसे तापमान गिरता है, वैसे-वैसे दिल से जुड़ी बीमारियों के मामले बढ़ने लगते हैं। ठंड के मौसम में हार्ट अटैक और ब्लड प्रेशर बढ़ने के केस हर साल 20–25% तक बढ़ जाते हैं।
डॉक्टरों का कहना है कि,

सर्द मौसम शरीर पर एक “छिपा हुआ तनाव” डालता है, जिसका असर सीधे दिल की धड़कन और रक्त प्रवाह पर पड़ता है।

सर्दियों में दिल पर दबाव क्यों बढ़ता है?

सर्दी के मौसम में तापमान गिरने से शरीर की रक्त वाहिकाएँ सिकुड़ जाती हैं, जिससे ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है।
जब रक्त वाहिकाएँ संकरी होती हैं, तो दिल को खून पंप करने में ज़्यादा मेहनत करनी पड़ती है।
यह स्थिति पहले से हृदय रोग से पीड़ित लोगों के लिए बेहद खतरनाक हो सकती है।

इसके अलावा, ठंड में शरीर की ऑक्सीजन की ज़रूरत बढ़ जाती है, लेकिन सिकुड़ी हुई नसें उस सप्लाई को सीमित कर देती हैं — नतीजा: हार्ट अटैक का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।


किन लोगों को ज़्यादा खतरा

50 वर्ष से अधिक उम्र के लोग

जिन्हें पहले से हार्ट डिज़ीज़ या ब्लड प्रेशर की समस्या है

मधुमेह (Diabetes) या मोटापे से पीड़ित लोग

स्मोकिंग करने वाले व्यक्ति

कार्डियोलॉजिस्ट बताते हैं कि,
ठंड में सुबह के समय रक्तचाप सबसे अधिक बढ़ता है। इसलिए हार्ट पेशेंट्स को सुबह बहुत जल्दी टहलने या एक्सरसाइज से बचना चाहिए।

क्या करें, क्या न करें

करें:

सुबह देर से और हल्की धूप में ही बाहर निकलें।

पर्याप्त पानी पीते रहें, क्योंकि ठंड में प्यास कम लगती है लेकिन शरीर डिहाइड्रेट होता रहता है।

सर्दी से बचाव के लिए गर्म कपड़े पहनें, खासकर छाती और सिर को ढकें।

अपनी नियमित दवाएं समय पर लें और डॉक्टर के निर्देश न छोड़ें।

न करें:

धूम्रपान या शराब का सेवन, क्योंकि यह रक्त वाहिकाओं को और संकुचित कर देता है।

ठंडी हवा में अचानक भारी व्यायाम या दौड़ना।

दवा या जांच खुद से बंद करना।


विशेषज्ञों की सलाह

AIIMS के एक कार्डियोलॉजिस्ट्स के अनुसार,

“ठंड के मौसम में सुबह-सुबह हार्ट अटैक के केस सबसे ज्यादा आते हैं, क्योंकि नींद से उठते ही ब्लड प्रेशर तेजी से बढ़ता है। अगर किसी को सीने में दर्द, घबराहट या सांस फूलने जैसे लक्षण दिखें, तो तुरंत मेडिकल इमरजेंसी की सहायता लें।”


अस्वीकरण:
यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी और जागरूकता के उद्देश्य से तैयार की गई है। इसमें दी गई सलाह किसी योग्य डॉक्टर या विशेषज्ञ की पेशेवर राय का विकल्प नहीं है।
दिल की बीमारियों से संबंधित किसी भी लक्षण या संदेह की स्थिति में अपने चिकित्सक से तुरंत परामर्श करें।
yuvachoupalnews.com इस लेख में दी गई जानकारी के उपयोग से उत्पन्न किसी भी प्रकार की जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है।


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