वाशिंगटन/नई दिल्ली । दुनियाभर में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आक्रामक रुख ने वैश्विक राजनीति में बेचैनी बढ़ा दी है। वेनेजुएला में कार्रवाई कर अपदस्थ राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी की बात हो, ग्रीनलैंड पर दावेदारी के संकेत हों या फिर विरोध करने वाले देशों पर भारी टैरिफ लगाने की धमकी—इन सबने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव की स्थिति पैदा कर दी है। अब हालात ऐसे बनते दिख रहे हैं कि ट्रंप की नीतियों के खिलाफ उनके अपने देश अमेरिका के भीतर से ही विरोध की आवाज़ें तेज होने लगी हैं।
कैलिफोर्निया के गवर्नर ने दी खुली चेतावनी
टैरिफ और व्यापारिक दबाव की नीति को लेकर कैलिफोर्निया के गवर्नर गैविन न्यूजॉम ने राष्ट्रपति ट्रंप को दो टूक चेतावनी दी है। उन्होंने यूरोपीय देशों से अपील की कि वे ट्रंप की टैरिफ धमकियों के सामने झुकें नहीं और खासतौर पर ग्रीनलैंड विवाद पर एकजुट और मजबूत रुख अपनाएं। न्यूजॉम ने कहा कि डरकर पीछे हटना यूरोप के हित में नहीं होगा।
दावोस से उठा अंतरराष्ट्रीय मंच पर मुद्दा
गैविन न्यूजॉम का यह बयान स्विट्जरलैंड के दावोस में चल रहे वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के दौरान सामने आया, जहां अमेरिका की आंतरिक राजनीति और वैश्विक व्यापार तनाव खुलकर चर्चा में रहे। न्यूजॉम ने कहा कि ट्रंप टैरिफ को हथियार बनाकर देशों पर दबाव डालने की कोशिश कर रहे हैं, जो लंबे समय में अमेरिका और उसके सहयोगियों दोनों के लिए नुकसानदेह साबित हो सकता है।
ग्रीनलैंड बना विवाद की जड़
ग्रीनलैंड, जो डेनमार्क का हिस्सा है और आर्कटिक क्षेत्र में स्थित है, रणनीतिक और सुरक्षा के लिहाज से बेहद अहम माना जाता है। ट्रंप पहले भी ग्रीनलैंड को लेकर सख्त बयान दे चुके हैं और अमेरिका की भूमिका बढ़ाने के संकेत दे चुके हैं। इसी मुद्दे को लेकर ट्रंप द्वारा टैरिफ की धमकी दिए जाने से यूरोपीय देशों में असहजता बढ़ गई है।
यूरोपीय संघ ने भी जताई चिंता
इस बीच यूरोपीय संघ के शीर्ष अधिकारियों ने भी ट्रंप के रवैये पर सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि ग्रीनलैंड जैसे संवेदनशील मुद्दे पर टैरिफ की धमकी देना चिंताजनक है। यूरोपीय संघ का मानना है कि व्यापारिक दबाव के जरिए राजनीतिक फैसले थोपना गलत है और इससे अमेरिका-यूरोप संबंधों में दरार आ सकती है।
अपने ही देश में घिरते नजर आ रहे ट्रंप
कैलिफोर्निया जैसे बड़े और प्रभावशाली राज्य के गवर्नर का खुला विरोध इस बात का संकेत है कि ट्रंप की नीतियों को लेकर अमेरिका के भीतर भी असंतोष बढ़ रहा है। ग्रीनलैंड का मुद्दा अब केवल जमीन का विवाद नहीं रह गया, बल्कि यह भू-राजनीति और वैश्विक ताकत की प्रतिस्पर्धा का प्रतीक बनता जा रहा है।























