हिंदी दिवस पर रायगढ़ की साहित्यकार श्रीमती राधिका दुबे को विशेष सम्मान

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रायगढ़ । हिंदी दिवस के अवसर पर नवीनगंज संकल्प समिति और संकल्प पब्लिक स्कूल रायगढ़ के संयुक्त तत्त्वावधान में रायगढ़ ललित साहित्य सम्मान समारोह का भव्य आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में साहित्य, लेखन और काव्य पाठ के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले रायगढ़ के साहित्यकारों और कवियों का सम्मान किया गया। रायगढ़ के शिक्षाविद् समाजसेवी रामचंद्र शर्मा की अध्यक्षता में समारोह सम्पन्न हुआ।

कार्यक्रम का शुभारंभ रायगढ़ के प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थान संकल्प पब्लिक स्कूल के बच्चों द्वारा प्रस्तुत सरस्वती वंदना से हुआ। प्राचार्य संजीव दीपन ने बताया कि इस समारोह में साहित्य और कला जगत की कई जानी-मानी हस्तियों ने भाग लिया।

श्रीमती राधिका दुबे को विशेष सम्मान

समारोह के दौरान दीर्घकालीन साहित्यिक सेवाओं के लिए श्रीमती राधिका दुबे को “रायगढ़ साहित्य रत्न प्रशस्ति पत्र”, स्मृति चिन्ह, अंग वस्त्र और श्रीफल भेंटकर विशेष रूप से सम्मानित किया गया। उनके योगदान को रायगढ़ की साहित्यिक धरोहर के लिए अमूल्य बताया गया।

सम्मानित साहित्यकार

इस अवसर पर सम्मानित किए गए प्रमुख साहित्यकारों में वरिष्ठ साहित्यकार प्रो. के.के. तिवारी (कार्तिक कुमार), कमल कुमार बहिरहा, जनवीर प्रसाद मेहेर, रामगोपाल शुक्ल, प्रमोद कुमार दुबे, रघुनंदन प्रसाद तिवारी, प्रदीप उपाध्याय, गीता उपाध्याय, तरुण बघेल, श्याम नारायण श्रीवास्तव, भानु मिश्र, सुषिला साहू, मनन कुमार चौहान, आनंद सिंहमपुरी, कन्हैया लाल गुप्ता, सुजीत कर, प्रकाश गुप्ता, अरविंद सोनी, डॉ. मणिकलान भट्ट, राकेश कुमार, जितेन्द्र सिंह राणा, मुकेश यादव सहित कई नाम शामिल रहे।

वक्ताओं ने बताया हिंदी का महत्व

कार्यक्रम के दौरान कवि एवं साहित्यकार श्याम नारायण श्रीवास्तव, गीता उपाध्याय, राम गोपाल शुक्ल, कमल कुमार सहित अन्य वक्ताओं ने काव्य पाठ और भाषण के जरिए हिंदी का महत्व रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि 14 सितंबर 1949 को संविधान सभा ने हिंदी को भारत संघ की राजभाषा के रूप में स्वीकार किया था। यह दिन हमें हिंदी भाषा की गरिमा और इसके प्रचार-प्रसार की जिम्मेदारी की याद दिलाता है।

वक्ताओं ने कहा कि हिंदी दिवस का उद्देश्य केवल भाषा का सम्मान करना नहीं, बल्कि लोगों को इसके अधिकाधिक प्रयोग के लिए प्रेरित करना है। इस दिन आयोजित भाषण प्रतियोगिताएं, कविता पाठ और सांस्कृतिक कार्यक्रम हिंदी की विविधता और समृद्धि का उत्सव मनाने का अवसर प्रदान करते हैं।

हिंदी दिवस भारतीय संस्कृति और साहित्य को सहेजने का प्रयास है, जो हमें अपनी जड़ों से जोड़ता है और हमारी पहचान को मजबूत बनाता है।

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