आपातकाल के 50वीं वर्षगांठ पर मीसाबंदियों को किया गया सम्मानित

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मीसाबंदियों द्वारा लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए किया गया संघर्ष आने वाली पीढ़ियों के लिए है प्रेरणा विधायक श्रीमती रायमुनी भगत

जशपुरनगर l आपातकाल के 50 वीं वर्षगांठ के अवसर पर आज जिला मुख्यालय के वशिष्ठ कम्युनिटी हाल में आयोजित एक कार्यक्रम में मीसाबंदी रामलाल सोनी, महावीर जैन, प्रदीप जैन, श्रीमती शोभा देवी, लक्ष्मी प्रसाद गुप्ता और विश्वनाथ सिंह को शाल और श्रीफल देकर सम्मानित किया गया। इस दौरान मीसाबंदियों ने आपातकाल के दौरान हुई घटनाक्रम का उल्लेख करते हुए बताया कि उस समय उन्हें किस तरह की कठिन परिस्थितियों से उन्हें गुजरना पड़ा था, फिर भी उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और लोकतंत्र की बहाली के लिए संघर्ष किया। इस अवसर पर मीसाबंदियों जनप्रतिनिधियों ने हाथों में मशाल लेकर रैली निकाली।

इस अवसर पर एक लघु फिल्म का प्रदर्शन किया गया, जिसमें आपातकाल के दौरान घटित महत्वपूर्ण घटनाओं और उस दौर के सामाजिक, राजनीतिक एवं मानवाधिकार संबंधी प्रभावों को प्रस्तुत किया गया। इसके साथ ही छायाचित्र प्रदर्शनी के माध्यम से आपातकाल के दौरान हुई घटनाक्रम को रेखांकित किया गया था। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि विधायक श्रीमती रायमुनी भगत ने कहा कि मीसाबंदियों ने आपातकाल के कठिन समय में लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए जो संघर्ष किया, वह आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा है।

मीसाबन्दी रामलाल सोनी ने अपने अनुभवों को साझा करते हुए बताया कि आपातकाल के समय सभी संस्थाओं को बंद कर दिया गया था। हमारी स्वतंत्रता के साथ मूल अधिकार छिन लिए गए थे। उन्होंने अपनी रायगढ़ जेल यात्रा के दौरान कठोर यातना के अनुभव का भी वर्णन किया। मीसाबन्दी विश्वनाथ सिंह ने जयप्रकाश नारायण एवं अन्य जन नायकों को याद करते हुए कहा कि आपातकाल में विद्यार्थी, किसान से लेकर सभी वर्गों को परेशानियों का सामान करना पड़ा था। मीडिया की स्वतंत्रता भी बाधित कर दी गई थी।

इस अवसर पर पद्मश्री जागेश्वर यादव, छत्तीसगढ़ माटीकला बोर्ड के अध्यक्ष शम्भूनाथ चक्रवर्ती, नगर पालिका अध्यक्ष अरविंद भगत, उपाध्याय यश प्रताप सिंह जूदेव, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती शांति भगत, कृष्ण कुमार राय, पार्षदगण, जनप्रतिनिधिगण सहित भारी संख्या में लोग मौजूद थे।

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