डिजिटल गवर्नेंस की ओर बढ़ते कदम : ई-ऑफिस प्रणाली से कार्यशैली में आएगा क्रांतिकारी बदलाव

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बेमेतरा । जिले में ई-ऑफिस प्रणाली के प्रभावी एवं सुव्यवस्थित क्रियान्वयन के उद्देश्य से आज दिशा सभाकक्ष (टीएल मीटिंग हॉल), द्वितीय तल, कलेक्टर कार्यालय बेमेतरा में एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया।

शासन की मंशा के अनुरूप शासकीय कार्यप्रणाली को पूर्णतः डिजिटल, पारदर्शी, समयबद्ध एवं जवाबदेह बनाने की दिशा में यह प्रशिक्षण महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। कार्यक्रम में जिले के विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। प्रशिक्षण मे ई ऑफिस नोडल ऑफिसर प्रकाश कुमार भारद्वाज अपर कलेक्टर, गुड्डू लाल जगत अपर कलेक्टर बेमेतरा, पिंकी मनहर डिप्टी कलेक्टर, रोहित कुमार चंद्रवंशी, डी आई ओ एन आई सी एवं महेंद्र कुमार वर्मा ई जिला प्रबंधक उपस्थित थे।

प्रशिक्षण में सामान्य प्रशासन विभाग, मंत्रालय नवा रायपुर से आए मास्टर ट्रेनर्स मुस्कान जडवानी, प्रोजेक्ट इंजीनियर एवं पूजा सेनपाल, प्रोजेक्ट इंजीनियर द्वारा ई-ऑफिस, ई-एचआरएमएस एवं स्पैरो पोर्टल के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। उन्होंने डिजिटल फाइल निर्माण, ई-नोटिंग, ई-डिस्पैच, पत्राचार, दस्तावेज अपलोडिंग, फाइल ट्रैकिंग सिस्टम तथा ऑनलाइन अनुमोदन प्रक्रिया का चरणबद्ध प्रदर्शन किया। प्रशिक्षण के दौरान प्रोजेक्टर के माध्यम से लाइव डेमो प्रस्तुत कर प्रतिभागियों को व्यवहारिक जानकारी दी गई, जिससे वे अपने-अपने कार्यालयों में प्रणाली का प्रभावी उपयोग कर सकें।

प्रशिक्षण दो पालियों में आयोजित किया गया। प्रथम पाली में प्रातः 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक जिले के सभी कार्यालयों (संयुक्त जिला कार्यालय परिसर एवं जिला पंचायत में स्थित कार्यालयों को छोड़कर) के अधिकारी-कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया गया। द्वितीय पाली में दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक संयुक्त जिला कार्यालय परिसर एवं जिला पंचायत में स्थित कार्यालयों के अधिकारियों-कर्मचारियों ने भाग लिया। दोनों सत्रों में बड़ी संख्या में प्रतिभागियों की उपस्थिति रही।

मास्टर ट्रेनर्स ने बताया कि ई-ऑफिस प्रणाली के माध्यम से फाइलों की अनावश्यक लंबितता समाप्त होगी तथा कार्यों की निगरानी ऑनलाइन संभव हो सकेगी। इससे निर्णय प्रक्रिया में तेजी आएगी और पारदर्शिता सुनिश्चित होगी। साथ ही ई-एचआरएमएस प्रणाली के अंतर्गत सेवा पुस्तिका संधारण, अवकाश स्वीकृति, पदस्थापना एवं कर्मचारी विवरण अपडेट करने की प्रक्रिया समझाई गई। स्पैरो पोर्टल के माध्यम से अधिकारियों के वार्षिक गोपनीय प्रतिवेदन (एसीआर) की ऑनलाइन प्रविष्टि एवं मूल्यांकन प्रक्रिया की जानकारी भी विस्तार से दी गई।

प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों द्वारा पूछे गए प्रश्नों का समाधान करते हुए बताया गया कि शासन की मंशा शासकीय कार्यों को पेपरलेस बनाकर समय, संसाधन एवं मानव शक्ति की बचत करना है। ई-ऑफिस के सफल क्रियान्वयन से न केवल कार्यों में गति आएगी बल्कि जवाबदेही भी सुनिश्चित होगी। अधिकारियों-कर्मचारियों ने अपने-अपने कार्यालयों में प्रणाली के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु प्रतिबद्धता व्यक्त की।

इसके अतिरिक्त प्रशिक्षण सत्र में साइबर सुरक्षा, डिजिटल दस्तावेजों की गोपनीयता एवं सुरक्षित लॉगिन प्रक्रिया पर भी विशेष मार्गदर्शन दिया गया। मास्टर ट्रेनर्स ने कहा कि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर कार्य करते समय डेटा सुरक्षा के मानकों का पालन अत्यंत आवश्यक है, जिससे शासकीय अभिलेख सुरक्षित रहें और किसी प्रकार की त्रुटि या दुरुपयोग की संभावना न हो।

प्रशिक्षण के समापन अवसर पर अधिकारियों को नियमित रूप से ई-ऑफिस प्रणाली का उपयोग करने तथा लंबित प्रकरणों का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। यह प्रशिक्षण जिले में प्रशासनिक सुधारों की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है, जिससे भविष्य में शासकीय सेवाओं की गुणवत्ता एवं दक्षता में सकारात्मक परिवर्तन अपेक्षित है।

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