कोर्ट में सरेंडर करने का आदेश
दुर्ग, 3 नवंबर 2025 । दुर्ग जिले के चर्चित कोठारी बंधुओं को शेयर घोटाला मामले में बड़ी राहत नहीं मिल पाई है। ओडिशा उच्च न्यायालय ने आरोपियों की अग्रिम जमानत (प्री-अरेस्ट बेल) याचिका को खारिज करते हुए उन्हें निचली अदालत में सरेंडर करने का आदेश दिया है।

यह मामला ओडिशा के नुआपाड़ा जिले के एसडीजेएम कोर्ट में लंबित है, जबकि इनके खिलाफ जांक मॉडल पुलिस थाने में भी अपराध दर्ज है।
तीसरी बार जमानत याचिका खारिज
आरोपी सुरेश कोठारी, श्रीपाल कोठारी और सिद्धार्थ कोठारी ने गिरफ्तारी से बचने के लिए हाईकोर्ट में तीन बार अग्रिम जमानत की अर्जी दायर की थी। पहली बार सुरेश और श्रीपाल कोठारी की याचिका खारिज हुई। दूसरी बार सिद्धार्थ कोठारी ने 20 जुलाई 2023 को जमानत मांगी, जिसे भी न्यायालय ने अस्वीकार कर दिया।
तीसरी बार 28 अक्टूबर 2025 को सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति वी. नरसिंह की पीठ ने भी याचिका खारिज कर दी और तीनों को कोर्ट में सरेंडर करने का निर्देश दिया।
बचाव पक्ष का तर्क
याचिकाकर्ताओं के वकील ने अदालत में दलील दी कि 3 दिसंबर 2024 को मामले में चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है और आरोप अधिकतर सिविल प्रकृति के हैं। उन्होंने एनसीएलटी, कटक में लंबित विवाद का हवाला देते हुए अग्रिम जमानत की मांग की।
हालांकि, अदालत ने दोनों पक्षों के तर्क सुनने के बाद यह कहा कि “याचिकाकर्ताओं का अपराध करने का इरादा शुरू से ही था” और अपराध की प्रकृति को गंभीर मानते हुए जमानत से इनकार कर दिया।
क्या है मामला
शिकायतकर्ता मंजू सुराना ने आरोप लगाया है कि कोठारी बंधुओं ने रजत बिल्डकॉन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड में शेयर निवेश के नाम पर उनके साथ ₹2.15 करोड़ की धोखाधड़ी की। उनका कहना है कि श्रीपाल कोठारी (चार्टर्ड अकाउंटेंट) और सुरेश कोठारी ने मिलीभगत से उनके शेयर कम कर दिए और निवेश की राशि हड़प ली।
अन्य मुकदमे भी लंबित
तीनों आरोपी सुरेश कोठारी, सिद्धार्थ कोठारी और श्रीपाल कोठारी दुर्ग के निवासी हैं। इन पर पहले से ही कई गंभीर वित्तीय धोखाधड़ी के आरोप हैं। प्रकाश जायसवाल की शिकायत पर कोलकाता सीबीआई में ₹54 करोड़ के शेयर घोटाले का मामला दर्ज है। रजत सुराना की शिकायत पर दुर्ग कोतवाली थाने में ₹85 करोड़ के शेयर धोखाधड़ी का केस दर्ज है। करीब डेढ़ साल पहले सीबीआई ने इन्हें दुर्ग कोर्ट से रिमांड पर लिया था। फिलहाल ये जमानत पर हैं और मामला ट्रायल चरण में है।
























