
नई दिल्ली। अमेरिका और ईरान के बीच हुए सीजफायर के बाद वैश्विक बाजारों को बड़ी राहत मिली है। खाड़ी क्षेत्र में बड़े संघर्ष की आशंका कम होते ही कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है।
तेल कीमतों में आई कमी
सीजफायर के संकेत मिलने के बाद अमेरिकी कच्चे तेल के दाम 100 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आ गए हैं। इससे पहले होर्मुज़ जलडमरूमध्य के आसपास बढ़ते तनाव के कारण कीमतों में तेजी देखी जा रही थी।
क्यों गिरे दाम
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विशेषज्ञों के मुताबिक,
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युद्ध की आशंका कम होने
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तेल सप्लाई बाधित होने का खतरा घटने
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और बाजार में स्थिरता लौटने
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की वजह से कीमतों में यह गिरावट आई है
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शेयर बाजार में भी सुधार
तेल कीमतों में नरमी के साथ ही वैश्विक शेयर बाजारों ने भी सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है। कई दिनों की अस्थिरता के बाद निवेशकों को राहत मिली है।
आगे क्या
हालांकि स्थिति अभी पूरी तरह स्थिर नहीं मानी जा रही, लेकिन अगर सीजफायर कायम रहता है तो तेल बाजार में और स्थिरता देखने को मिल सकती है।
फिलहाल, ऊर्जा बाजार और निवेशकों की नजर इस बात पर टिकी है कि यह शांति कितनी लंबी चलती है।



















