पैरामेडिकल शिक्षा घोटाला: NSUI ने की FIR और कड़ी कार्रवाई की माँग

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रायपुर। छत्तीसगढ़ में पैरामेडिकल शिक्षा के नाम पर बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा उजागर हुआ है। एनएसयूआई (NSUI) ने दावा किया है कि प्रदेशभर में 100 से अधिक फर्जी पैरामेडिकल कॉलेज संचालित हो रहे हैं, जो बिना किसी वैध मान्यता के छात्रों को प्रवेश दे रहे हैं और जाली डिग्रियाँ बाँट रहे हैं। इस घोटाले को लेकर एनएसयूआई ने आज पैरामेडिकल काउंसिल के रजिस्ट्रार जितेंद्र तिवारी से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की।

फर्जी कॉलेजों की हकीकत

एनएसयूआई का आरोप है कि ये कॉलेज छात्रों को नकली मान्यता पत्र और फर्जी दस्तावेज़ दिखाकर दाखिला देते हैं। बाद में छात्रों को डिग्रियाँ मध्यप्रदेश और अन्य राज्यों की संदिग्ध संस्थाओं से डिस्टेंस मोड में दिलाई जाती हैं। इन डिग्रियों की न तो कोई वैधता है और न ही रोजगार में उपयोगिता। रजिस्ट्रार जितेंद्र तिवारी ने भी माना कि प्रदेश में केवल 14 कॉलेजों को ही मान्यता प्राप्त है, बाकी सभी पैरामेडिकल कॉलेज फर्जी हैं।

 

गंभीर आपराधिक मामला

एनएसयूआई के प्रदेश उपाध्यक्ष अमित शर्मा ने कहा कि यह सिर्फ छात्रों के साथ धोखा नहीं, बल्कि भारतीय दंड संहिता की धारा 420, 468, 471, 406 और आईटी अधिनियम की धारा 66D के तहत गंभीर आपराधिक कृत्य है। उन्होंने कहा कि “यह छत्तीसगढ़ के युवाओं के भविष्य के साथ विश्वासघात है, जिसे किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”

 

गजानंद इंस्टिट्यूट पर आरोप

एनएसयूआई ने हाल ही में गजानंद इंस्टिट्यूट को भी कटघरे में खड़ा किया है, जिस पर फर्जी डिग्रियाँ बाँटने का आरोप है। जिलाध्यक्ष प्रशांत गोस्वामी ने इस संस्थान का विरोध किया था, जिसके बाद संस्था ने उनके खिलाफ झूठी FIR दर्ज करवा दी। एनएसयूआई ने साफ किया कि ऐसे संस्थानों को किसी भी हाल में बंद कराया जाएगा।

 

NSUI की प्रमुख माँगें

प्रदेशभर के सभी पैरामेडिकल संस्थानों की विशेष जांच हो।

जिन संस्थानों के पास मान्यता नहीं है, उनके खिलाफ FIR दर्ज कर गिरफ्तारी की जाए।

 

 

फर्जी डिग्री से प्रभावित छात्रों को न्याय और पुनर्वास के लिए योजना बने।

 

 

छात्रों की फीस वापस कराई जाए और संस्थान तत्काल बंद किए जाएं।

 

आंदोलन की चेतावनी

एनएसयूआई ने चेतावनी दी है कि यदि इस घोटाले पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई, तो प्रदेशभर में चरणबद्ध आंदोलन और उग्र प्रदर्शन होंगे। इसकी पूरी जिम्मेदारी पैरामेडिकल काउंसिल और संबंधित विभागों की होगी।

बैठक और ज्ञापन कार्यक्रम में वी.वी. अध्यक्ष हरिओम तिवारी, प्रदेश सचिव विशाल कुकरेजा, मेहताब हुसैन, जिला उपाध्यक्ष वैभव मुजेवार, आशीष तिवारी, शिवांक सिंह, दिव्यांश श्रीवास्तव, कृष सहारे, अनुज सिंह, सुमित शुक्ला, लक्की साहू, रूपेंद्र जांगड़े समेत कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद थे।

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