रायपुर । जल संसाधन विभाग द्वारा बिलासपुर जिले के विकासखण्ड मस्तूरी में स्थित पोड़ी जलाशय योजना के सुदृढ़ीकरण कार्य हेतु 7 करोड़ 79 लाख 88 हजार रुपये की पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। योजना से 200 हेक्टेयर क्षेत्र में खरीफ सिंचाई उपलब्ध कराए जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिससे कृषि क्षेत्र को स्थायी लाभ मिलने की अपेक्षा है।
पोड़ी जलाशय योजना का उद्देश्य क्षेत्र के किसानों को सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराते हुए कृषि उत्पादन को बढ़ावा देना है। सुदृढ़ीकरण कार्य पूर्ण होने के पश्चात किसानों को बेहतर और नियमित सिंचाई सुविधा प्राप्त होगी, जिससे उत्पादन व आय में वृद्धि होगी। योजना पर व्यय अनुसूचित जाति उपयोजना के अंतर्गत मांग संख्या 64 के बजट शीर्ष से किया जाएगा तथा स्वीकृत राशि ही अंतिम लागत मानी जाएगी। विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि कार्य निर्धारित समयावधि एवं स्वीकृत लागत के भीतर ही पूरा किया जाए। वित्त विभाग द्वारा आवश्यक वित्तीय अनुमति प्रदान की गई है।
आदेश के अनुसार कार्य प्रारंभ करने से पूर्व सक्षम अधिकारी से तकनीकी स्वीकृति प्राप्त करना अनिवार्य होगा। निर्माण से संबंधित सभी ड्रॉइंग एवं डिजाइन का अनुमोदन किया जाएगा तथा निविदा प्रक्रिया आरंभ करने से पहले कम से कम 75 प्रतिशत बाधारहित भूमि उपलब्ध होना आवश्यक होगा। यदि भू-अर्जन आवश्यक हो तो व्यय केवल स्वीकृत राशि की सीमा में ही किया जाएगा और किसी अन्य मद की बचत राशि बिना पूर्व स्वीकृति उपयोग नहीं की जा सकेगी। यदि भू-अर्जन प्रस्तावित नहीं है तो निर्माण कार्य केवल शासकीय भूमि पर ही किया जाएगा और भूमि आवंटन सक्षम अधिकारी से सुनिश्चित किया जाएगा।
निविदा प्रक्रिया को पारदर्शी एवं प्रतिस्पर्धी रखने के निर्देश दिए गए हैं। कार्यों में उच्च गुणवत्ता सुनिश्चित की जाएगी तथा गुणवत्ता में किसी भी प्रकार की कमी पाए जाने पर उत्तरदायित्व तय कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। निर्माण कार्य को निर्धारित समयसीमा में पूर्ण करना अनिवार्य है तथा समय-वृद्धि केवल अपरिहार्य परिस्थितियों में ही अनुमत होगी। छत्तीसगढ़ वित्तीय संहिता के नियमों के अनुरूप मुख्य अभियंता को कार्यों पर नियंत्रण रखते हुए सभी प्रशासनिक एवं वित्तीय प्रक्रियाओं का पालन सुनिश्चित करना होगा।
पोड़ी जलाशय योजना के सुदृढ़ीकरण की यह पुनरीक्षित स्वीकृति मस्तूरी क्षेत्र के किसानों को सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने तथा कृषि विकास को प्रोत्साहित करने की दिशा में राज्य शासन का महत्वपूर्ण कदम है। शासन को विश्वास है कि विभाग निर्धारित मानकों के अनुरूप समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण कार्य पूर्ण कर क्षेत्र के कृषकों को दीर्घकालिक लाभ प्रदान करेगा।























