रायगढ़ का एक ग्राम बनेगा ‘सोलर मॉडल विलेज’

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पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत छह माह की प्रतिस्पर्धा शुरू

रायपुर । केंद्र सरकार की पी.एम. सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत रायगढ़ जिले में एक ग्राम को पूरी तरह सौर ऊर्जा आधारित सोलर मॉडल विलेज बनाया जाएगा। इसके लिए जिला स्तरीय चयन समिति ने प्रक्रिया शुरू कर दी है। कलेक्टर की अध्यक्षता में हुई बैठक में तय किया गया कि प्रतिस्पर्धा में वही ग्राम शामिल होंगे जिनकी आबादी 5 हजार से अधिक है। इसी आधार पर जिले के दस सर्वाधिक आबादी वाले ग्रामों को छह माह की प्रतियोगिता में शामिल किया गया है।

चयनित ग्राम इस प्रकार हैं:

कुडुमकेला (घरघोड़ा), तमनार (तमनार), खैरपुर (रायगढ़), विजयनगर (धरमजयगढ़), तराईमाल (तमनार), गहनाझरिया (लैलूंगा), गढ़मरिया (पुसौर), छाल (धरमजयगढ़), सिसरिंगा (पुसौर) और कोडातराई (पुसौर)। इन्हीं में से एक ग्राम को जिले का पहला सोलर मॉडल विलेज घोषित किया जाएगा।

इन ग्रामों में अगले छह महीने तक सौर ऊर्जा को अपनाने, जनजागरूकता बढ़ाने, घरेलू और सामुदायिक सौर संयंत्र स्थापित करने और योजनाओं से संबंधित आवेदनों की समीक्षा की जाएगी। हर ग्राम में आदर्श ग्राम समिति बनाई जा रही है जिसमें सरपंच, सचिव, जनप्रतिनिधि, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, शिक्षक, डॉक्टर, कृषि विस्तार अधिकारी और अन्य शासकीय कर्मचारी शामिल होंगे। समिति घर-घर जाकर ग्रामीणों को सौर ऊर्जा से जुड़ने के लिए प्रेरित करेगी और पी.एम. कुसुम, जल जीवन मिशन के सोलर डुअल पंप, सोलर हाईमास्ट और सोलर स्ट्रीट लाइट जैसी योजनाओं की जानकारी देगी।

क्रेडा के सहायक अभियंता विक्रम वर्मा ने बताया कि प्रतियोगिता के दौरान हर ग्राम अपनी जरूरतों के अनुसार सामुदायिक सौर संयंत्रों के प्रस्ताव तैयार कर जिला स्तर पर प्रस्तुत करेगा। छह माह बाद जिला समिति सभी ग्रामों का मूल्यांकन करेगी। इसमें घरेलू और सामुदायिक सौर संयंत्रों की संख्या, योजनाओं में ग्रामीणों की भागीदारी, ऊर्जा सुविधाओं की स्थिति और सौर संसाधनों के उपयोग जैसे मापदंड शामिल होंगे।

मूल्यांकन के आधार पर चुने गए ग्राम का विस्तृत डीपीआर तैयार कर 15 मार्च 2026 तक ऊर्जा विभाग, छत्तीसगढ़ शासन को भेजा जाएगा, ताकि उसे पूरी तरह सौर ऊर्जा आधारित आदर्श मॉडल ग्राम के रूप में विकसित किया जा सके।

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