रतन दुबे हत्याकाण्ड : दो और माओवादी कार्यकर्ताओं पर आरोप तय

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रायपुर | राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने भाजपा नेता रतन दुबे की 2023 में हुई हत्या के मामले में प्रतिबंधित संगठन सीपीआई (माओवादी) से जुड़े दो आरोपियों पर आरोप तय किए हैं। अब तक इस मामले में चार लोगों को हिरासत में लिया जा चुका है, जबकि एक आरोपी अब भी फरार है।

भीड़भरे बाजार में सरेआम हत्या

नवंबर 2023 में मोहला जिले के भाजपा नेता रतन दुबे की नारायणपुर जिले के झाराघाटी इलाके के कौशलनार गांव में साप्ताहिक बाजार के दौरान कुल्हाड़ी से हमला कर हत्या कर दी गई थी। दुबे उस वक्त चुनाव प्रचार कर रहे थे। NIA के अनुसार, यह हत्या चुनाव प्रक्रिया में बाधा डालने और स्थानीय लोगों को आतंकित करने के मकसद से की गई थी।

आरोप तय किए गए पिता-पुत्र पर

जगदलपुर स्थित NIA विशेष अदालत के समक्ष दाखिल दूसरे पूरक आरोपपत्र में शिवानंद नाग और उसके पिता नारायण प्रसाद नाग पर आईपीसी और यूए(P) अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप तय किए गए हैं।

NIA की जांच में पाया गया कि दोनों बाप-बेटे हत्या की साजिश में सक्रिय रूप से शामिल थे। शिवानंद नाग को सीपीआई (माओवादी) का सक्रिय कार्यकर्ता बताया गया है। एजेंसी के मुताबिक, रतन दुबे के साथ उनकी राजनीतिक, व्यावसायिक और व्यक्तिगत प्रतिद्वंद्विता भी थी।

माओवादी समितियों की भूमिका

एजेंसी ने कहा कि इस हत्या में पूर्वी बस्तर डिवीजन की बयानार क्षेत्र समिति और बारसूर क्षेत्र समिति के सदस्य तथा उनके ओवर ग्राउंड वर्कर्स (OGWs) भी शामिल थे।

पहले हो चुकीं गिरफ्तारियां

जून 2024 में NIA ने एक आरोपी धन सिंह कोर्राम को हिरासत में लिया था।

इसके अलावा सैनुरम कोर्राम और लालुरम कोर्राम को गिरफ्तार कर दिसंबर 2024 में उन पर आरोप तय किए गए।

ताजा आरोपपत्र के बाद अब तक चार आरोपी हिरासत में हैं, जबकि नारायण प्रसाद नाग फरार है।

NIA की जांच जारी

NIA ने स्पष्ट किया है कि यह हत्या केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि माओवादियों की सुनियोजित रणनीति का हिस्सा थी, जिसका उद्देश्य लोकतांत्रिक प्रक्रिया को बाधित करना और क्षेत्र में भय का माहौल बनाना था। एजेंसी के अधिकारी अब भी फरार आरोपी की तलाश और संगठन की गहरी साजिशों की जांच में जुटे हुए हैं।

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