तौलीडीह पंचायत में जांच टीम 17 जुलाई को करेगी पड़ताल


बिलाईगढ़। ग्राम पंचायत तौलीडीह “ली” में तत्कालीन सरपंच रामकुमारी चौहान और तत्कालीन सचिव धनीराम साहू पर फर्जी तरीके से 1.47 लाख रुपये पंचायत निधि से आहरण करने का गंभीर आरोप सामने आया है। मामले में कलेक्टर सारंगढ़ को शिकायत मिलने के बाद जांच रिपोर्ट में अनियमितता की पुष्टि हो चुकी है। अब आगामी 17 जुलाई को जांच दल पंचायत पहुंचकर 9 बिंदुओं पर विस्तृत जांच करेगा।
आरोप : फर्जी तरीके से राशि निकालकर की गई अनियमितता
शिकायतकर्ता और ग्रामीणों का आरोप है कि तत्कालीन सरपंच और सचिव ने शासन की राशि का गलत तरीके से उपयोग किया। कागजों में विकास कार्य दिखाए गए, जबकि ज़मीनी हकीकत इससे बिलकुल उलट है। जांच प्रतिवेदन में भी यह बात सामने आई है कि बिना अनुमोदन के 1.47 लाख रुपये की राशि आहरित की गई, जिसके लिए वसूली की अनुशंसा की गई है।
कार्रवाई से बचने जुटे आरोपी, जांच दल को गुमराह करने की कोशिश
ग्रामीणों का कहना है कि जांच से बचने के लिए सरपंच और सचिव मिलकर योजनाबद्ध तरीके से अधिकारियों को भ्रमित करने में जुटे हैं। हाल ही में बाजार चौक और अन्य इलाकों में डस्ट-बजरी गिरवाकर दिखावटी काम कराया गया ताकि यह साबित किया जा सके कि कार्य कराया गया है।
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया है कि तत्कालीन सचिव धनीराम साहू को बचाने का प्रयास हो रहा है, जिससे अब तक उस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। क्षेत्र में वर्तमान में कोई सचिव नहीं है, जिससे कई जरूरी विकास कार्य ठप पड़े हैं। बारिश के चलते बाजार चौक से पैदल आवाजाही में ग्रामीणों को भारी परेशानी हो रही है।
ग्रामीणों की मांग: कड़ी कार्रवाई और एफआईआर हो
शिकायतकर्ता और ग्रामीणों ने कलेक्टर से मांग की है कि 17 जुलाई को होने वाली 9 बिंदुओं की जांच पूरी पारदर्शिता से की जाए, और दोषी पाए जाने पर तत्कालीन सरपंच और सचिव पर एफआईआर दर्ज की जाए व वसूली की कार्रवाई हो। ग्रामीणों ने यह भी कहा कि दोषियों पर कड़ी कार्रवाई आने वाले जनप्रतिनिधियों के लिए एक उदाहरण बनेगी।
फिलहाल, निगाहें अब 17 जुलाई की जांच पर टिकी हैं, जहां तय होगा कि जनता की गाढ़ी कमाई से विकास के नाम पर किया गया यह फर्जीवाड़ा कितना गहरा है और दोषियों पर कब तक कार्रवाई होती है।
