सड़कों पर पशु छोड़ने वालों पर कसेगा शिकंजा: जोन कमिश्नर ने दी चेतावनी

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रायपुर । रायपुर नगर निगम के जोन-1 में आवारा पशुओं से हो रही दुर्घटनाओं और गंदगी की बढ़ती समस्या को लेकर जोन-1 कमिश्नर डॉ. दिव्या चंद्रवंशी ने कड़ा रुख अपनाया है। निगम जोन-1 कार्यालय में सात वार्डों के सभी पशुपालकों की बैठक आयोजित की गई, जिसमें उन्हें सख्त हिदायत दी गई कि वे अपने पशुओं को खुले में न छोड़ें, अन्यथा विधि अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

पशुओं के गले में पट्टा लगाना अनिवार्य

कमिश्नर डॉ. चंद्रवंशी ने पशुपालकों को निर्देश दिया कि सभी पशुओं के गले में पट्टा लगाया जाए, ताकि यह पता चल सके कि सड़क पर मिलने वाले पशु गौशाला से संबंधित हैं या आवारा। उन्होंने स्पष्ट किया कि नालियों में गोबर बहाने वालों पर भी जुर्माना लगाया जाएगा।

 

स्वास्थ्य विभाग ने दर्ज कराई पुलिस शिकायत

समझाइश के बावजूद नियमों की अनदेखी करने वालों पर कार्रवाई शुरू कर दी गई है। जोन स्वास्थ्य अधिकारी खेमलाल देवांगन ने जानकारी दी कि पशुपालक मनोज यदु द्वारा बार-बार चेतावनी के बावजूद सड़क पर पशु छोड़े जा रहे थे। इस पर खमतराई थाना में शिकायत दर्ज कराई गई है।

 

निरंतर कार्रवाई और मॉनिटरिंग

राज्य शासन और उच्च न्यायालय के निर्देशों के पालन में रायपुर नगर निगम ने सभी 10 जोनों में अभियान तेज कर दिया है। काउ कैचर वाहनों के माध्यम से सड़कों से पशु पकड़े जा रहे हैं और उन्हें गौठान कांजी हाउस भेजा जा रहा है। इस अभियान की मॉनिटरिंग अपर आयुक्त विनोद पाण्डेय और नगर निगम स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. प्रीति सिंह द्वारा की जा रही है।

 

जोन कमिश्नर का सख्त संदेश:

“पशुपालकों को अब यह समझना होगा कि सड़कों पर पशु छोड़ने की आज़ादी नहीं है। हम लगातार कार्रवाई करेंगे, चाहे वह कोई भी हो।” — डॉ. दिव्या चंद्रवंशी, जोन-1 कमिश्नर

नगर निगम की इस पहल से शहरवासियों को आवारा पशुओं की समस्या से राहत मिलने की उम्मीद है।

 

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