परिवहन विभाग : 25 वर्षों की यात्रा, नवाचार, जनसुविधा और पर्यावरण संरक्षण का संगम

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धमतरी । छत्तीसगढ़ राज्य के गठन के साथ ही परिवहन विभाग ने नागरिकों को बेहतर और पारदर्शी सेवाएँ उपलब्ध कराने का संकल्प लिया था। विगत 25 वर्षों की यात्रा में इस विभाग ने तकनीकी नवाचार, डिजिटलीकरण, नागरिक सेवाओं के विस्तार तथा पर्यावरण संरक्षण की दिशा में उल्लेखनीय प्रगति की है। आज परिवहन विभाग न केवल प्रशासनिक कार्यप्रणाली में आधुनिक तकनीक का उपयोग कर रहा है, बल्कि नागरिकों तक सेवाएँ पहुँचाने में भी देश के अग्रणी विभागों में गिना जा रहा है।

डिजिटलीकरण एवं आईटी नवाचार : 

सेवाओं को आसान और सुलभ बनाने के लिए विभाग ने डिजिटलीकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। सारथी एवं वाहन ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से लाइसेंस एवं वाहन पंजीयन संबंधी कार्य पूरी तरह ऑनलाइन किए जाने लगे। क्यूआर कोड आधारित ड्राइविंग लाइसेंस और पंजीयन प्रमाण पत्र जारी होने लगे, जिनका सत्यापन तुरंत संभव है। यही नहीं, छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य बना जिसने लाइसेंस हेतु ऑनलाइन फार्म-1ए (मेडिकल सर्टिफिकेट) की सुविधा प्रारंभ की। ई-चालान ऐप और फोटो फिटनेस ऐप ने पारदर्शिता को बढ़ाया और भ्रष्टाचार पर प्रभावी अंकुश लगाया।

 

लाइसेंस और पंजीयन प्रमाण पत्र वितरण में सुविधा :

 

धमतरी जिले में अब तक 31,560 ड्राइविंग लाइसेंस और 88,188 पंजीयन प्रमाण पत्र घर-घर पहुँचाए जा चुके हैं। इससे आम नागरिकों को कार्यालयों के चक्कर लगाने से मुक्ति मिली और विभाग की सेवाएँ जनसुलभ बनीं।’

 

राजस्व और ऑनलाइन सेवाओं में वृद्धि :

 

विभाग ने राजस्व वृद्धि में भी उल्लेखनीय प्रगति की। वाहन कर, फिटनेस, परमिट एवं पंजीयन शुल्क से लगातार आय में वृद्धि हुई। वर्तमान में वाहन से जुड़ी 19 तथा लाइसेंस से जुड़ी 15 सेवाएँ ऑनलाइन उपलब्ध हैं। आधार सत्यापन आधारित फेसलेस सुविधा ने पारदर्शिता सुनिश्चित की और ऑनलाइन स्लॉट बुकिंग से नागरिकों को तय समय पर सेवाएँ मिलने लगीं।

 

नागरिकों की सुविधा के लिए जिले में कुल 24 परिवहन सुविधा केन्द्र खोले गए हैं, धमतरी ब्लॉक में 14, कुरूद में 7, नगरी में 2 और मगरलोड में 1। इन केन्द्रों के माध्यम से शिक्षार्थी लाइसेंस सहित अन्य परिवहन संबंधी कार्य आसानी से पूरे हो रहे हैं।

 

पर्यावरण एवं हरित पहल :

 

पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी विभाग ने अहम पहल की है। राज्य में वर्ष 2022 से लागू इलेक्ट्रिक वाहन नीति के अंतर्गत धमतरी जिले में अगस्त 2025 तक 73 लाभार्थियों को 17.88 लाख रुपये की सब्सिडी वितरित की जा चुकी है। साथ ही जिले में 12 प्रदूषण जांच केन्द्र स्थापित किए गए हैं, जहाँ पेट्रोल व डीजल वाहनों का उत्सर्जन परीक्षण कर प्रमाण-पत्र जारी किया जाता है।

 

नवाचार एवं नागरिक सुविधा :

 

नागरिकों की सुविधा को और बढ़ाने के लिए परिवहन ऐप उपलब्ध कराया गया है, जिससे लाइसेंस और वाहन से जुड़ी जानकारियाँ आसानी से प्राप्त की जा सकती हैं। ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों में शिविर आयोजित कर शिक्षार्थी लाइसेंस बनाए जा रहे हैं। वहीं, सुदूरवर्ती एवं वनांचल क्षेत्रों में बस सेवाओं की शुरुआत ने ग्रामीणों के आवागमन को सरल बनाया और सामाजिक-आर्थिक विकास को गति दी।

 

दूरस्थ क्षेत्रों में बस सेवा :

 

पिछले 25 वर्षों में धमतरी जिले के सुदूरवर्ती एवं वनांचल क्षेत्रों में बस सेवाएँ शुरू की गईं। इससे न केवल ग्रामीणों को आवागमन की सुविधा हुई बल्कि सामाजिक-आर्थिक विकास को भी गति मिली।

विगत 25 वर्षों की यह यात्रा धमतरी जिले के परिवहन विभाग की सतत् प्रतिबद्धता और नवाचार का प्रतीक है। डिजिटलीकरण, पारदर्शिता, पर्यावरण संरक्षण और नागरिक सुविधा को केंद्र में रखकर विभाग ने नई ऊँचाइयाँ हासिल की हैं। रजत महोत्सव के इस अवसर पर यह गर्व से कहा जा सकता है कि आने वाले समय में धमतरी जिला परिवहन सेवाओं के क्षेत्र में पूरे राज्य और देश के लिए एक आदर्श मॉडल बनेगा।

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