बालोद । वनमंडल बालोद के वनग्राम बड़भूम, परिक्षेत्र गुरूर में वन विभाग और अर्थ रिट्रीट फाउंडेशन द्वारा एक दिवसीय कार्यशाला एवं जन-जागरूकता अभियान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य वन एवं वन्यप्राणियों की सुरक्षा, मानव–वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं में कमी और ग्रामीणों में सतत जागरूकता विकसित करना रहा।
अभियान के दौरान ग्रामीणों को वन्यजीवों से संभावित खतरों, सुरक्षा उपायों, संघर्ष की स्थिति में अपनाए जाने वाले व्यवहारिक कदमों तथा शासन की मुआवजा योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई। मानव जीवन की सुरक्षा के साथ-साथ वन्यजीव संरक्षण को अभियान का मुख्य लक्ष्य बताया गया।
लोकनृत्य और कला के माध्यम से जागरूकता
कार्यक्रम को जनसुलभ और प्रभावी बनाने के लिए विद्यार्थियों को लोकनृत्य, चित्रकला, पोस्टर, स्लोगन और रंगोली प्रतियोगिताओं से जोड़ा गया। कला और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण का संदेश सरल भाषा में ग्रामीणों तक पहुंचाया गया। इन नवाचारों से कार्यक्रम में उत्साहपूर्ण भागीदारी देखने को मिली।
पर्यावरण संरक्षण का संकल्प
कार्यक्रम में पर्यावरण अनुकूल सामग्रियों के उपयोग को बढ़ावा देने और वन संरक्षण का सामूहिक संकल्प लिया गया। ‘अर्थ रिट्रीट’ की फाउंडर अनुभा द्विवेदी ने जलवायु परिवर्तन, जैव विविधता, वर्मीकम्पोस्ट और स्वरोजगार के विषय में जानकारी दी।
मुख्य अतिथि वनमंडल अधिकारी अभिषेक अग्रवाल ने अपने संबोधन में कहा कि मानव और वन्यजीवों के बीच संतुलन बनाए रखना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने कहा, “हम और वन दोनों एक-दूसरे के मित्र हैं, यह मित्रता पीढ़ी दर पीढ़ी बढ़ती रहे, यही हमारी प्राथमिकता है।”
उन्होंने जल स्रोतों की सुरक्षा, जंगल में सतर्कता बरतने और किसी भी वन्यजीव गतिविधि की तत्काल सूचना विभाग को देने की अपील की।
कार्यक्रम में जनपद अध्यक्ष हीराबाई, एसडीओ साहू एवं डोंगरे, वन परिक्षेत्र अधिकारी भंडारी, डिप्टी रेंजर सहित विभागीय अमला, विद्यार्थी और ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
























