कोरबा में पीएम जनमन सड़कों का काम शुरू, पीवीटीजी बसाहटों तक पहुंच आसान बनाने की तैयारी

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बारिश थमते ही दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों में डामरीकरण और सड़क संधारण कार्य तेज, भंडारखोल-खैरबहार सहित कई मार्गों पर चल रहा काम


कोरबा । छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में बारिश का मौसम समाप्त होने के बाद दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों की सड़कों को बेहतर बनाने का काम शुरू हो गया है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना और प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान (पीएम जनमन) के तहत विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों (पीवीटीजी) की बसाहटों को जोड़ने वाले मार्गों पर डामरीकरण और आवश्यक संधारण कार्य किए जा रहे हैं। इन कार्यों का उद्देश्य ग्रामीणों के आवागमन को सुगम बनाना और जरूरी सेवाओं तक उनकी पहुंच बेहतर करना है।

बरसात में ग्रामीणों को होती है परेशानी

बारिश के दौरान दूरस्थ गांवों की सड़कों पर कीचड़, फिसलन और जलभराव के कारण आवागमन मुश्किल हो जाता है। इसका असर बच्चों के स्कूल जाने, ग्रामीणों के बाजार पहुंचने और स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ लेने पर भी पड़ता है। आपात स्थिति में खराब सड़कें परेशानी बढ़ा सकती हैं।

ऐसे में सड़कों का डामरीकरण और समय पर संधारण ग्रामीणों को शिक्षा, स्वास्थ्य, बाजार और अन्य जरूरी सुविधाओं से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

कलेक्टर ने दिए प्राथमिकता से काम कराने के निर्देश

कलेक्टर कुणाल दुदावत ने वर्षा ऋतु के बाद सड़कों पर डामरीकरण और आवश्यक संधारण कार्यों को प्राथमिकता से पूरा कराने के निर्देश कार्यपालन अभियंता को दिए हैं। इन निर्देशों के तहत कार्यपालन अभियंता सी.बी. तंवर के नेतृत्व में संबंधित मार्गों पर काम कराया जा रहा है।

भंडारखोल-खैरबहार मार्ग पर डामरीकरण शुरू

पाली विकासखंड में पीएम जनमन योजना के तहत पीवीटीजी बसाहटों को जोड़ने वाली भंडारखोल से खैरबहार सड़क पर डामरीकरण का काम शुरू हो गया है। करीब 1.4 किलोमीटर लंबा यह मार्ग स्थानीय बसाहटों के लिए महत्वपूर्ण संपर्क सड़क बनेगा। निर्माण पूरा होने के बाद ग्रामीणों को आवागमन में सुविधा मिलने की उम्मीद है।

ऐलोंग-सिमकेंदा और नकिया-खम्हुन मार्गों पर भी काम

कोरबा विकासखंड के दूरस्थ वनांचल क्षेत्र में ऐलोंग से सिमकेंदा वाया तितरडांड तक 5.58 किलोमीटर लंबी स्वीकृत सड़क पर डामरीकरण की तैयारी की जा रही है। वहीं, नकिया से खम्हुन तक 5.50 किलोमीटर लंबी सड़क का काम भी शुरू किया गया है।

इन मार्गों के विकसित होने से दूरस्थ गांवों का संपर्क बेहतर होने और ग्रामीणों को रोजमर्रा के आवागमन में सुविधा मिलने की उम्मीद है।

अन्य मार्गों के संधारण पर भी जोर

प्रशासन की ओर से वर्षा ऋतु के बाद अन्य सड़कों की स्थिति का आकलन कर आवश्यक संधारण कार्य कराने के निर्देश भी दिए गए हैं। संबंधित ठेकेदारों को कार्य व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाने और बेहतर सड़क सुविधा उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया है।

फिलहाल इन मार्गों पर निर्माण और डामरीकरण से जुड़े कार्य जारी हैं। इनके पूरा होने के बाद पीवीटीजी बसाहटों के ग्रामीणों को अधिक सुगम और भरोसेमंद आवागमन की सुविधा मिलने की उम्मीद है। इससे दूरस्थ गांवों को मुख्यधारा की सुविधाओं से जोड़ने में मदद मिलेगी।

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