होर्मुज संकट के बीच भारत को बड़ी राहत: रूस से तेल, अमेरिका से गैस पहुंची
नई दिल्ली वैश्विक तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य में जारी संकट के बीच भारत के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। न्यू मंगलुरु पोर्ट पर रूस से कच्चे तेल और अमेरिका से एलपीजी की खेप पहुंचने से देश की ऊर्जा आपूर्ति को मजबूती मिली है। इसे भारत के लिए एक अहम कूटनीतिक सफलता के रूप में देखा जा रहा है।
जानकारी के अनुसार, रूस से कच्चा तेल लेकर ‘एक्वा टाइटन’ नामक टैंकर भारत पहुंचा है, जबकि अमेरिका के टेक्सास से एलपीजी लेकर ‘पाइक्सिस पायनियर’ जहाज भी न्यू मंगलुरु बंदरगाह पर पहुंच चुका है। इन दोनों जहाजों से ईंधन उतारने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, जिससे आने वाले दिनों में देश में पेट्रोलियम और घरेलू गैस की सप्लाई में सुधार होने की उम्मीद है।
बताया जा रहा है कि ‘एक्वा टाइटन’ उन सात रूसी टैंकरों में शामिल है, जिन्हें अमेरिका से विशेष छूट मिलने के बाद चीन के बजाय भारत की ओर मोड़ा गया है। वहीं, अमेरिका से आई एलपीजी की खेप से देश में रसोई गैस की उपलब्धता बढ़ेगी और उपभोक्ताओं को राहत मिल सकती है।
दरअसल, ईरान और इजरायल के बीच जारी तनाव के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य में आवाजाही प्रभावित हुई है। यह मार्ग भारत के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि देश का करीब 50 प्रतिशत कच्चा तेल इसी रास्ते से आता है। ऐसे में इस संकट के बीच वैकल्पिक स्रोतों से ईंधन की आपूर्ति भारत के लिए राहत भरी खबर है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, एक और बड़ा टैंकर ‘स्वेजमैक्स जूजू एन’ भी 25 मार्च तक गुजरात के सिक्का बंदरगाह पहुंच सकता है। इससे देश में ऊर्जा आपूर्ति और मजबूत होने की संभावना है।
विशेषज्ञों का मानना है कि रूस और अमेरिका से समय पर पहुंचे इन ईंधनों से भारतीय रिफाइनरियों को सहारा मिलेगा और तेल-गैस की संभावित कमी को काफी हद तक टाला जा सकेगा।
कुल मिलाकर, वैश्विक संकट के बीच भारत ने अपनी ऊर्जा जरूरतों को संतुलित रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है।




















