बॉलीवुड के जाने-माने अभिनेता Nawazuddin Siddiqui एक बार फिर अपने पैतृक गांव से जुड़ाव को लेकर चर्चा में हैं। हाल ही में उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले में स्थित अपने गांव में 55 बीघा कृषि भूमि की रजिस्ट्री कराई है। इस जमीन की कीमत करीब छह करोड़ रुपये बताई जा रही है। खास बात यह है कि यह जमीन उन्होंने सात अलग-अलग व्यक्तियों से खरीदी है, जिससे साफ संकेत मिलता है कि अभिनेता अपने गांव और जड़ों से जुड़े रहने की इच्छा रखते हैं।

सूत्रों के अनुसार, रजिस्ट्री की प्रक्रिया गुरुवार को पूरी की गई। इस दौरान नवाजुद्दीन अपने फिल्म प्रोड्यूसर भाई Faizuddin Siddiqui के साथ तहसील कार्यालय पहुंचे थे। यहां सब-रजिस्ट्रार पंकज कुमार की मौजूदगी में सभी जरूरी दस्तावेजों पर हस्ताक्षर किए गए और जमीन की रजिस्ट्री औपचारिक रूप से पूरी हुई। बताया जा रहा है कि यह जमीन बुढ़ाना बांगर क्षेत्र में स्थित है, जो कृषि के लिहाज से उपजाऊ इलाकों में गिना जाता है।

तीन साल पहले भाइयों के नाम कर दी थी जमीन
गौरतलब है कि करीब तीन साल पहले नवाजुद्दीन सिद्दीकी ने अपनी कुछ जमीन अपने भाइयों के नाम कर दी थी। उस समय यह चर्चा तेज हो गई थी कि अभिनेता अब स्थायी रूप से मुंबई में ही रहने वाले हैं और अपने गांव से दूरी बना सकते हैं। हालांकि, ताजा जमीन खरीदने के फैसले ने उन कयासों को काफी हद तक गलत साबित कर दिया है।
दरअसल, नवाजुद्दीन सिद्दीकी हमेशा से अपने गांव और परिवार के साथ गहरा लगाव रखते आए हैं। कई इंटरव्यू में भी उन्होंने यह बात कही है कि चाहे उनका करियर कितना ही व्यस्त क्यों न हो, वह अपने गांव और जड़ों को कभी नहीं भूल सकते। यही वजह है कि उन्होंने फिर से गांव में बड़ी जमीन खरीदकर यह संकेत दिया है कि उनका रिश्ता अपने पैतृक स्थान से अभी भी उतना ही मजबूत है।
तहसील पहुंचते ही जुटी प्रशंसकों की भीड़ ?
जैसे ही लोगों को पता चला कि नवाजुद्दीन सिद्दीकी तहसील कार्यालय पहुंचे हैं, वहां प्रशंसकों की भीड़ जुटने लगी। स्थानीय लोग और उनके प्रशंसक अभिनेता की एक झलक पाने के लिए उत्साहित नजर आए। नवाजुद्दीन ने भी अपने चाहने वालों को निराश नहीं किया। उन्होंने लोगों से मुलाकात की, उनसे बातचीत की और कई प्रशंसकों के साथ तस्वीरें भी खिंचवाईं।
इस दौरान माहौल काफी उत्साहपूर्ण दिखाई दिया। स्थानीय लोगों का कहना है कि जब भी नवाजुद्दीन अपने गांव आते हैं, तो वह पूरी सादगी के साथ लोगों से मिलते हैं और गांव के माहौल में घुल-मिल जाते हैं। यही वजह है कि गांव के लोग उन्हें सिर्फ एक फिल्म स्टार के रूप में नहीं बल्कि अपने बीच के व्यक्ति के तौर पर देखते हैं। सूत्रों की मानें तो अभिनेता ईद तक अपने पैतृक गांव में ही रुक सकते हैं। इस दौरान वह परिवार के साथ समय बिताने के साथ-साथ नई खरीदी गई जमीन को लेकर भी कुछ योजनाएं बना सकते हैं। हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि इस जमीन का उपयोग वह केवल खेती के लिए करेंगे या भविष्य में किसी अन्य उद्देश्य के लिए भी योजना बना सकते हैं। नवाजुद्दीन सिद्दीकी का यह कदम इस बात का उदाहरण है कि सफलता की ऊंचाइयों पर पहुंचने के बाद भी कई लोग अपनी जड़ों से जुड़े रहना पसंद करते हैं। मुंबई की चमक-दमक के बीच भी गांव और मिट्टी से उनका रिश्ता बना रहना उनके व्यक्तित्व की सादगी को दर्शाता है। फिलहाल अभिनेता का यह फैसला उनके प्रशंसकों और स्थानीय लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। लोग इसे अपने गांव के प्रति उनके प्रेम और जुड़ाव की एक मिसाल के रूप में देख रहे हैं।























