प्रगति कॉलेज में धूमधाम से हुआ रास-गरबा का आयोजन, विद्यार्थियों ने बिखेरी सांस्कृतिक छटा

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रायपुर। नवरात्रि के पावन अवसर पर प्रगति कॉलेज, रायपुर में रास-गरबा कार्यक्रम का आयोजन उत्साह और भक्तिमय माहौल में किया गया। कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और पारंपरिक गरबा नृत्य के जरिए भारतीय संस्कृति की सुंदर झलक पेश की।

कार्यक्रम की शुरुआत मां दुर्गा की पूजा-अर्चना, आरती और वंदना के साथ हुई। इस दौरान पूरा सभागार भक्तिमय वातावरण से सराबोर हो गया। इसके बाद गरबा संगीत की धुन पर विद्यार्थियों ने उत्साह के साथ नृत्य किया और कार्यक्रम को यादगार बना दिया।

रंग-बिरंगे पारंपरिक परिधानों में सजे विद्यार्थियों ने आयोजन में चार चांद लगा दिए। किसी ने गुजराती वेशभूषा धारण की, तो किसी ने कच्छ की पारंपरिक पोशाक पहनी। वहीं, कुछ विद्यार्थी छत्तीसगढ़ी परिधानों और पारंपरिक कुर्तों में गरबा करते नजर आए। पूरे कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों में खासा उत्साह देखने को मिला।

प्रतिभागियों का उत्साह बढ़ाने के लिए विभिन्न श्रेणियों में पुरस्कार भी रखे गए थे। इनमें बेस्ट पेयर, गरबा क्वीन, गरबा किंग, बेस्ट परफॉर्मर, बेस्ट स्टेप, बेस्ट ड्रेसिंग और एनर्जेटिक परफॉर्मर जैसी श्रेणियां शामिल रहीं।

प्रतियोगिता में दीपिका और पुष्कर ने बेस्ट पेयर का पुरस्कार हासिल किया। एम. रोहनी को गरबा क्वीन और श्रेयांश बोप्चे को गरबा किंग चुना गया। सोहम वघवानी ने एनर्जेटिक परफॉर्मर (मेल) और श्रेया कश्यप ने एनर्जेटिक परफॉर्मर (फीमेल) का पुरस्कार प्राप्त किया।

इसी तरह नितेश को बेस्ट परफॉर्मर (मेल), श्वेता सिंह को बेस्ट परफॉर्मर (फीमेल), राजवीर को बेस्ट स्टेप (मेल), चंदकिरण को बेस्ट स्टेप (फीमेल) और राहुल यादव को बेस्ट रिदम कीपर के पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम में महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. सौम्या नैयर, एडमिनिस्ट्रेटर ज्योति ठाकुर, वाणिज्य एवं प्रबंधन विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. अमित कुमार ठाकुर, कंप्यूटर विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष मन्नु रवानी, शिक्षा विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. के. एन. गजपाल, पत्रकारिता विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. प्रवीण कुमार यादव सहित समस्त प्राध्यापकगण और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

कार्यक्रम ने विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के साथ-साथ भारतीय संस्कृति और पारंपरिक लोकनृत्य से जुड़ने का अवसर प्रदान किया। पूरे आयोजन में भक्ति, उल्लास और सांस्कृतिक एकता का सुंदर संगम देखने को मिला।

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