भोपाल- मुख्यमंत्री मोहन यादव के बेटे डॉ. अभिमन्यु यादव ने सामूहिक विवाह में डॉ. इशिता पटेल के साथ सात फेरे लेकर सादगी और फिजूलखर्ची से बचने का प्रभावी संदेश दिया, जो अनावश्यक खर्चों को हतोत्साहित करने की पहल को दर्शाता है। इस निर्णय का उद्देश्य सामाजिक समानता को बढ़ावा देना और शादियों में दिखावे की बजाय सादगी को अपनाने की मिसाल कायम करना है।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव के छोटे बेटे डॉ. अभिमन्यु यादव ने रविवार को उज्जैन में क्षिप्रा नदी के किनारे एक सामूहिक विवाह समारोह में डॉ. इशिता पटेल के साथ सात फेरे लिए। इस जोड़े ने सादगी और फिजूलखर्ची से बचने का संदेश देते हुए, 21 दूसरे जोड़ों के साथ एक ही कार्यक्रम में शादी की।
परिवार ने कहा कि,
इस आयोजन का मकसद शादियों में सादगी को बढ़ावा देना और अनावश्यक खर्चों से बचना था। समारोह में पारंपरिक रंग देखने को मिले। दूल्हे घोड़ों पर सवार होकर आए, जबकि दुल्हनें सजी हुई गाड़ियों में बैठी थीं। भव्य बारात और सांस्कृतिक आकर्षणों ने धन-दौलत के दिखावे की जगह ले ली।
शादी के निमंत्रणों में भी महंगे तोहफों या दिखावटी सेटिंग्स को स्पष्ट रूप से हतोत्साहित किया गया था।पारिवारिक सूत्रों ने बताया कि सामूहिक शादी करने का फैसला मुख्यमंत्री का सोचा-समझा कदम था ताकि सामाजिक बराबरी और शादी के खर्चों पर रोक का एक उदाहरण पेश किया जा सके।
























