
छत्तीसगढ़ के विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में विद्यार्थियों की समस्याओं से कराया अवगत, परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, बेहतर सुविधाओं और रोजगार के अवसर बढ़ाने पर हुई चर्चा
नई दिल्ली/रायपुर । कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने NSUI, इंडियन यूथ कांग्रेस (IYC) और सेवा दल के प्रमुख युवा नेताओं के साथ बैठक कर युवाओं और छात्रों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। बैठक में छत्तीसगढ़ NSUI के प्रदेश अध्यक्ष नीरज पांडेय भी शामिल हुए। उन्होंने प्रदेश के विद्यार्थियों की समस्याओं और छात्र हितों से जुड़े विषयों को राष्ट्रीय नेतृत्व के समक्ष रखा।
विश्वविद्यालयों और कॉलेजों की समस्याओं पर चर्चा
बैठक के दौरान नीरज पांडेय ने छत्तीसगढ़ के विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों और दूरस्थ क्षेत्रों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को होने वाली परेशानियों की जानकारी दी। उन्होंने छात्र अधिकारों की रक्षा, परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, शैक्षणिक संस्थानों में बेहतर बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने जैसे मुद्दे उठाए।
इसके साथ ही उन्होंने प्रदेश में NSUI की ओर से छात्र हितों को लेकर किए जा रहे आंदोलनों और संगठनात्मक गतिविधियों की जानकारी भी राष्ट्रीय नेतृत्व को दी।
राहुल गांधी ने युवा कार्यकर्ताओं का बढ़ाया उत्साह
NSUI के अनुसार, राहुल गांधी ने युवा नेताओं के प्रयासों की सराहना की और छात्रों के अधिकारों तथा न्याय की लड़ाई में उनके साथ खड़े रहने का संदेश दिया। उन्होंने NSUI, IYC और सेवा दल के युवा कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि उन्हें अपने युवा साथियों पर गर्व है और वे न्याय एवं संघर्ष की लड़ाई में उनके साथ मजबूती से खड़े हैं।
छात्र हितों के लिए संघर्ष जारी रखने की प्रतिबद्धता
बैठक में छत्तीसगढ़ के विद्यार्थियों से जुड़े मुद्दों को राष्ट्रीय स्तर पर रखने का अवसर मिलने पर नीरज पांडेय ने छात्र हितों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की समस्याओं के समाधान, शिक्षा व्यवस्था में सुधार और युवाओं के अधिकारों की रक्षा के लिए NSUI लगातार प्रयास करती रहेगी।
बैठक के बाद छत्तीसगढ़ NSUI के कार्यकर्ताओं में उत्साह देखा गया। संगठन का कहना है कि राष्ट्रीय नेतृत्व के साथ हुए इस संवाद से प्रदेश के छात्र हितों से जुड़े मुद्दों को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी। NSUI ने विद्यार्थियों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाने और उनके समाधान के लिए लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष जारी रखने की बात कही।


















