सावन में शिव कृपा: पूजा विधि और सावधानियाँ

0
307
माना जाता है कि हिंदू देवी देवताओं में सिर्फ भोलेनाथ ही सहज, सरल और सुलभ हैं। तभी तो वे बेलपत्र, धतूरे और जल के अर्पण से ही भक्तों की मनोकामनाएं सुन लेते हैं। अपनी कृपा लुटाते हैं। लेकिन सावन मास में महादेव को प्रसन्न करने के कुछ नियम और सावधानियां भी हैं। तो आइए जानते हैं शिव शंभू की आराधना का विधान। शिवाय ओम नमः शिवाय हर सावन का सोमवार लेकर आएगा सुख समृद्धि महादेव की उपासना से होगी धनधान्य की वृद्धि मनोकामना पूर्ति के लिए अद्भुत है सावन में किए जाने वाले प्रयोग शिव कृपा से घर परिवार में बनेंगे खुशियों की योग करुणा और दया के सागर हैं भगवान शिव। सावन में शिव को मनाने और उनकी कृपा पाने के लिए सबसे खास है सोमवार। सोमवार को की गई शिव आराधना परम कल्याणकारी और मंगलकारी मानी गई है। कहा जाता है कि शिव जी को प्रसन्न करने के लिए सावन माह में उनका विशेष पूजन करना चाहिए। इसलिए शिव के भक्त अपने नाथ को मनाने में लग जाते हैं। लेकिन इस पूजा अर्चना के दौरान आपको भगवान शिव से मनचाहा वरदान पाने के लिए कुछ खास चीजों को अर्पण करना चाहिए। इससे आपको शीघ्र मिलेगी शिव कृपा। दुनिया में जितने भी असंभव काम हुए हैं समुद्र पर सेतु बनाने से रामेश्वर सेतु से लेकर सभी प्रकार के काम जो है वो पार्थिव पूजन से ही संपन्न हुए हैं। जैसे भगवान श्री राम ने जो है रामेश्वरम में मिट्टी से पार्थिव शिवलिंग बनाकर पूजन किया था। उसके पश्चात जो है समुद्र जो असाध्य था उस पर भी साध्य हुआ और उस पर भी समुद्र का निर्माण समुद्र पर जो है पुल का निर्माण हो गया। इसी प्रकार से जीवन में किसी भी प्रकार की आपकी मनोकामना हो तो सावन के महीने में पार्थिव पूजन करने से भगवान शंकर की विशेष कृपा होती है और मन चाहे फल की प्राप्ति होती है। सावन में रोज 21 बेलपत्रों पर चंदन से ओम नमः शिवाय लिखें। बेलपत्र को शिवलिंग पर चढ़ाएं। इससे आपकी सभी मनोकामनाएं पूरी होंगी। अगर घर में किसी भी प्रकार की परेशानी हो तो सावन में रोज सुबह घर में गोमूत्र का छिड़काव करने के साथ ही गुग्गल धूप चलाएं। विवाह में आ रही अड़चन दूर करने के लिए सावन में रोज शिवलिंग पर केसर मेला दूध चढ़ाएं। इससे विवाह के योग जल्दी बनते हैं। परम कल्याणकारी है सावन और मनोवांछित फल देने वाला है सावन का सोमवार। जावे में जिसने सावन में शिव की आराधना कर ली यकीन मानिए उसके जीवन में सारी बाधाएं और सारी विपदाएं दूर हो जाएंगी। लेकिन सावन के इस पहले सोमवार पर भगवान शंकर की आराधना में कुछ बातों का विशेष ध्यान रखना होता है। भगवान शंकर की पूजा में हल्दी का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। भगवान शंकर को नारियल का पानी भी नहीं चढ़ाना चाहिए। भगवान शिव की उपासना में टूटे चावल का इस्तेमाल वर्जित है। कहीं-कहीं शिवलिंग पर काले तिल के अर्पण की मनाही भी बताई गई है। भगवान शिव को तुलसी कभी भी नहीं चढ़ानी चाहिए। शिव की पूजा में शिवलिंग पर कभी भी शंख से जल अर्पण नहीं करना चाहिए। अपरंपार है सावन की सोमवार की महिमा। सुहागन महिलाओं के लिए यह व्रत वैवाहिक जीवन को सुखी और समृद्ध बनाने के साथ-साथ पति की लंबी आयु की कामना भी पूर्ण करता है। तो इस सावन के पावन महीने में शिव जी की सच्चे मन से उपासना करें। वह आपकी हर विपदा दूर कर देंगे।
हर हर हर महादेव
0Shares

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here